Breaking News
मुख्य सचिव ने मलिन बस्तीवासियों के पुनर्वास के वर्किंग प्लान पर तत्काल कार्य करने की दी हिदायत
आईपीएल 2025- कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबला आज 
नुसरत भरूचा की आगामी फिल्म ‘छोरी 2’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, 11 अप्रैल को प्राइम वीडियो पर देगी दस्तक  
पीएमजीएसवाई के तहत उत्तराखंड में 814 किमी सड़कों का निर्माण
इस दिन खुलेंगे चारधाम के पहले प्रमुख पड़ाव यमुनोत्री धाम के कपाट
कहीं आप भी तो नहीं कर रहे अपने खानपान में यह गलतियां, बढ़ सकता है किडनी डैमेज का खतरा
राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने वक्फ संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए सरकार की ओर से दिखाई गई जल्दबाजी की कड़ी आलोचना की 
दो बहनों में एक के साथ दुष्कर्म और दूसरी के साथ छेड़खानी के मामले में महिला आयोग सख्त
प्रदेश की स्पोर्ट्स लिगेसी पॉलिसी जल्द लागू होगी – रेखा आर्या

ब्लॉक प्रमुख व ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने की घड़ी पांच दिन और टली

पंचायतों में प्रशासक के मुद्दे पर दोहरे आदेश से शासन की माथापच्ची बढ़ी

सीएम व शासन में वार्ता के बाद गठित पंत समिति जल्द देगी अपनी रिपोर्ट

देहरादून। सीएम धामी से मुलाकात व पंचायतीराज सचिव से हुई वार्ता के बाद भी ब्लाक प्रमुख व ग्राम प्रधानों के जिला पंचायत अध्यक्ष की तरह प्रशासक बनने का रास्ता पूरी तरह साफ नहीं हुआ है।

सचिव चंद्रेश कुमार से चर्चा के बाद शासन स्तर पर एक अपर सचिव युगल किशोर पंत की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया गया है।

कमेटी में पंचायती राज निदेशक निधि यादव व संयुक्त सचिव बतौर सदस्य कार्य करेंगी। यह समिति 9 दिसम्बर तक अपनी रिपोर्ट देगी।

इस रिपोर्ट के बाद ही ब्लाक प्रमुख व ग्राम प्रधानों के प्रशासक बनने पर छाई धुंध हटेगी।

गौरतलब है कि बीते हफ्ते ही 12 जिलों की त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल खत्म हुआ। ब्लाक व ग्राम पंचायतों में अधिकारियों को प्रशासक पद पर बैठा दिया। जबकि निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गयी।

शासन के दोहरे मापदण्ड वाले आदेश के बाद ब्लाक व ग्राम प्रधान संगठन ने सीएम से मिलकर अपनी बात रखी। कहा कि,कोविड काल में दो साल कार्य नहीं हो पाए। लिहाजा, उन्हें कार्यकाल को विस्तार दे दिया जाय।

इसके अलावा एक साल से अधिक अवधि से निकायों में भी अधिकारियों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गयी है।

अब बुधवार की बैठक के बाद गठित त्रिसदस्यीय समिति पांच दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इसके बाद ही ब्लाक प्रमुख व ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी के बाबत कोई ठोस फैसला लिया जाएगा। उधर, विपक्षी दल कांग्रेस ने भी पंचायतों के बाबत शासन के अलग अलग आदेशों को लेकर तीखा विरोध जताया गया।

देखें आदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top