Breaking News
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की, दिए आवश्यक निर्देश
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
जिलाधिकारी ने की संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर की चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
त्योहारों में मिठाइयों का ज्यादा सेवन सेहत पर पड़ सकता है भारी, लिवर और दिल की बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के दृष्टिगत हरिद्वार के चिकित्सालयों के लिए चिकित्सा उपकरणों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के बड़े भाई को दी श्रद्धांजलि
आगामी वीवीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में लगातार चल रहा सघन चेकिंग अभियान
आगामी वीवीआईपी कार्यक्रम के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर सम्पूर्ण जनपद में लगातार चल रहा सघन चेकिंग अभियान
रिलीज से पहले ही ‘रामायण’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, एडवांस बुकिंग 150 करोड़ के पार
रिलीज से पहले ही ‘रामायण’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, एडवांस बुकिंग 150 करोड़ के पार
उत्तरकाशी में बड़ा सड़क हादसा: 200 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन, पांच की मौत
उत्तरकाशी में बड़ा सड़क हादसा: 200 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन, पांच की मौत
रानीपोखरी में 8 से 10 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई
रानीपोखरी में 8 से 10 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त, प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई

चुनाव से ठीक पहले

चुनाव से ठीक पहले

सीएए को सिर्फ सीमित चुनावी नजरिए से देखना उचित नहीं होगा। बल्कि यह भाजपा की वैचारिक परियोजना का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। इसके जरिए भारतीय नागरिकता को तय करने वाली कसौटियों में अब धर्म एक पहलू बन गया है। केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लागू कर दिया है। इसके लिए जरूरी नियम जारी कर दिए गए हैँ। जाहिर है, ये कदम 18वें आम चुनाव से ठीक पहले उठाया गया है। खबरों के मुताबिक हफ्ते भर के अंदर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने वाली है। उस पृष्ठभूमि में इसे सरकार और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के एक चुनावी कदम के रूप में देखा जा सकता है। महजबी आधार पर ध्रुवीकरण भाजपा की एक प्रमुख राजनीतिक ताकत है।

अगर चार साल पहले की घटनाओं पर- जब सीएए पारित हुआ था- गौर करें, तो तब इस कानून के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन हुआ था, जिसमें मुस्लिम समुदाय ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। उसी सिलसिले में दिल्ली में दंगा भी हुआ। इससे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को हवा मिली थी। कानून लागू होने के साथ उन सारी घटनाएं की याद ताजा हो सकती है। इसके अलावा अगर फिर से इस कानून का विरोध हुआ, तो ऐसा माहौल और अधिक गरमा सकता है। बहरहाल, इस कानून को सिर्फ इस सीमित नजरिए से देखना उचित नहीं होगा। बल्कि यह भाजपा की वैचारिक परियोजना का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।

इसके जरिए भारतीय नागरिकता को तय करने वाली कसौटियों में अब धर्म एक पहलू बन गया है। इस कानून के तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत आने वाले गैर-मुस्लिम व्यक्ति भारतीय नागरिकता के लिए अर्जी दे सकेंगे। इस तरह मजहब नागरिकता तय करने की एक कसौटी बन जाएगा। समझा जा सकता है कि यही व्यवस्था करना इस कानून का मुख्य मकसद है।

वरना, अगर उद्देश्य पड़ोसी देशों में उत्पीडि़त व्यक्तियों को राहत देना होता, तो फिर इस कानून के दायरे में श्रीलंका और म्यांमार को भी शामिल किया जाता- जहां अधिकतर उत्पीडि़त व्यक्ति हिंदू धर्म को मानने वाले होते हैं। जाहिर है, कानून उत्पीडि़त शरणार्थियों को राहत देने के लिए नहीं, बल्कि भारतीय राज्य के मूलभूत स्वरूप में परिवर्तन के लिए बनाया गया है। भाजपा का हमेशा से यह एक वैचारिक उद्देश्य रहा है। इस बीच चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने इसके खिलाफ दायरे याचिकाओं को लटका रखा है, इसलिए सरकार के इस ओर बढऩे का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top