Breaking News
मतदाता सूची पुनरीक्षण की जमीनी पड़ताल को ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम
मतदाता सूची पुनरीक्षण की जमीनी पड़ताल को ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम
देहरादून में पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत फरार नशा तस्कर गिरफ्तार
देहरादून में पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत फरार नशा तस्कर गिरफ्तार
सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें- सीएम
सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें- सीएम
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते दो दिन के लिए रोकी गई चारधाम यात्रा
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते दो दिन के लिए रोकी गई चारधाम यात्रा
पुल और उसका स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित- महाराज
पुल और उसका स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित- महाराज
SDRF ने तिलवाड़ा में नदी के बीच टापू पर फंसी तीन महिलाओं का किया सफल रेस्क्यू
SDRF ने तिलवाड़ा में नदी के बीच टापू पर फंसी तीन महिलाओं का किया सफल रेस्क्यू
स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री
स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित, शुभमन गिल को मिली कप्तानी
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित, शुभमन गिल को मिली कप्तानी
भारी बारिश से केदारनाथ हाईवे कई जगह बाधित, बोल्डर और मलबा गिरने से रुकी आवाजाही
भारी बारिश से केदारनाथ हाईवे कई जगह बाधित, बोल्डर और मलबा गिरने से रुकी आवाजाही

डीएम ने पकड़ा कूटरचित दस्तावेज से भूमि क्रय-विक्रय मामला, बिल्डर्स क्रेता-विक्रेता पर मुकदमा दर्ज

डीएम ने पकड़ा कूटरचित दस्तावेज से भूमि क्रय-विक्रय मामला, बिल्डर्स क्रेता-विक्रेता पर मुकदमा दर्ज

कोर्ट से प्रतिबंधित जमीन की फर्जी बिक्री, भू-माफियाओं पर कसा शिकंजा

देहरादून। देहरादून में प्रतिबंधित भूमि के अवैध क्रय-विक्रय से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिस पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले का संज्ञान लेते हुए क्रेता और विक्रेता के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि मौजा आमवाला तरला की विवादित भूमि, जिस पर न्यायालय द्वारा पहले ही खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई गई थी, उसे फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री कर दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित भूमि पीएसीएल (Pearls Agro Tech Corporation Limited) से जुड़ी प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। इसके बावजूद विक्रेता ने वास्तविक तथ्य छिपाकर विलेख संख्या 8614/2025 और 8615/2025 का पंजीकरण करा लिया।

जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि भूमि का संबंध Golden Forests से जुड़ी परिसंपत्तियों से हो सकता है, जिन पर पहले से विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लागू हैं। इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने रजिस्ट्रार कार्यालय और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार देहरादून और उप जिलाधिकारी सदर को विलेखों की दोबारा जांच करने को कहा गया है। साथ ही, यदि इन विलेखों के आधार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी हुई है, तो उसे तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 83 के तहत कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराने के आरोप में संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top