Breaking News
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी

साकार होगा पौड़ी की विरासत को संजोने का सपना, जिलाधिकारी ने हेरिटेज म्यूजियम की प्रगति की समीक्षा की

साकार होगा पौड़ी की विरासत को संजोने का सपना, जिलाधिकारी ने हेरिटेज म्यूजियम की प्रगति की समीक्षा की

पांच दीर्घाओं से म्यूजियम को बनाया जाएगा आकर्षक, जनपद के सांस्कृतिक इतिहास पर रहेगा जोर: जिलाधिकारी

पौड़ी के गौरवशाली इतिहास को मिलेगा स्थायी मंच, हेरिटेज म्यूजियम की तैयारियां तेज

पौड़ी। जनपद पौड़ी के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में हेरिटेज म्यूजियम की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान निर्माणदायी संस्था ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तावित स्वरूप और प्रदर्शित की जाने वाली सामग्रियों की जानकारी दी, जिस पर जिलाधिकारी ने म्यूजियम को जनपद की पहचान के अनुरूप विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित म्यूजियम पौड़ी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास को एक समग्र रूप में प्रस्तुत करेगा। उन्होंने निर्देशित किया कि इसमें पारंपरिक ढोल-दमाऊ, प्राचीन आभूषण एवं वेशभूषा, दुर्लभ छायाचित्र, हिमालय से जुड़ी थ्री-डी प्रस्तुतियां और अन्य महत्वपूर्ण धरोहरों को इस प्रकार प्रदर्शित किया जाए, जिससे आगंतुकों को जनपद की विरासत का वास्तविक अनुभव हो सके।

बैठक में प्रस्तावित हेरिटेज म्यूजियम की अवधारणा को और अधिक समृद्ध एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से इसकी विभिन्न थीम आधारित दीर्घाओं (हॉल) पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि म्यूजियम में ‘विरासत भूमि हॉल’ के माध्यम से जनपद के ऐतिहासिक विकास, प्राचीन सभ्यता और महत्वपूर्ण पड़ावों को प्रदर्शित किया जाएगा, वहीं ‘वीर भूमि हॉल’ में वीरभूमि पौड़ी के शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं सैन्य परंपरा से जुड़े गौरवशाली योगदान को सम्मानपूर्वक स्थान दिया जाएगा। ‘लोक संस्कृति हॉल’ में जनपद की समृद्ध लोक परंपराओं, पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा, आभूषण, लोक कला एवं रीति-रिवाजों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि ‘तपोभूमि हॉल’ में जनपद के प्राचीन मंदिरों, आध्यात्मिक स्थलों, ऋषि-मुनियों की तपस्थली और धार्मिक महत्व को दर्शाया जाएगा। इसके अतिरिक्त ‘प्राकृतिक हॉल’ में हिमालय की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, नदियों, वन संपदा और प्राकृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि म्यूजियम परिसर में आगंतुकों के लिए कैफेटेरिया की भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जिसमें पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों को शामिल किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले पर्यटक न केवल जनपद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हो सकें, बल्कि स्थानीय खान-पान की विशिष्टता का अनुभव भी कर सकें। यह कैफेटेरिया स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन का माध्यम भी बनेगा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि म्यूजियम में जनपद के प्रमुख आंदोलनों, ऐतिहासिक घटनाओं और सामाजिक योगदानों को भी समुचित स्थान दिया जाए। साथ ही भवन को पारंपरिक स्वरूप प्रदान करते हुए पठाल का फर्श, प्राचीन उपयोगी वस्तुएं तथा मंदिरों के इतिहास को भी शामिल किया जाए। उन्होंने प्रमाणिक जानकारी संकलित करने के लिए विषय विशेषज्ञों से समन्वय स्थापित करने और 28 फरवरी तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि कार्य समयबद्ध रूप से प्रारंभ किया जा सके।

इस अवसर पर अधिशासी अभियंता लोनिवि रीना नेगी, सहायक अभियंता पुरातत्व अनिल सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top