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50-60 साल की उम्र में रहना चाहते है फिट, सही डाइट और एक्सरसाइज से धीमा करें बुढ़ापे का असर

50-60 साल की उम्र में रहना चाहते है फिट, सही डाइट और एक्सरसाइज से धीमा करें बुढ़ापे का असर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती खानपान की आदतों का असर अब लोगों की उम्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पहले जहां बुढ़ापे के लक्षण 50-60 साल के बाद नजर आते थे, वहीं अब 30-35 की उम्र में ही शरीर में कमजोरी, बाल झड़ना और हड्डियों की समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बढ़ती उम्र के असर को धीमा किया जा सकता है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सही लाइफस्टाइल अपनाकर लंबे समय तक फिट और एक्टिव रहा जा सकता है।

आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आना स्वाभाविक माना जाता है। मांसपेशियां कमजोर होना, हड्डियों का घिसना और याददाश्त में कमी जैसे लक्षण बुढ़ापे की पहचान माने जाते हैं। लेकिन बदलती जीवनशैली ने इन समस्याओं को समय से पहले ही बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर समय रहते खानपान और दिनचर्या पर ध्यान दिया जाए तो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है। नियमित एक्सरसाइज, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।

व्यायाम की भूमिका अहम
डॉक्टरों का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियों का कमजोर होना एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसे ‘सार्कोपेनिया’ कहा जाता है। हालांकि, इसे पूरी तरह रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन सही डाइट और नियमित स्ट्रेंथ एक्सरसाइज से इसकी रफ्तार कम की जा सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सप्ताह में कम से कम 150 मिनट तक शारीरिक गतिविधि जरूर करनी चाहिए।

संतुलित आहार से मिलेगी मजबूती
स्वस्थ रहने के लिए डाइट का संतुलित होना बेहद जरूरी है। शरीर को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन जरूरी माना गया है।

दालें, दूध, पनीर, अंडे और मछली जैसे खाद्य पदार्थ मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं। वहीं हरी सब्जियां और फल शरीर को जरूरी पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं। साबुत अनाज और फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं और शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।

बुढ़ापे के संकेतों को पहचानना जरूरी
समय के साथ शरीर में कई बदलाव नजर आने लगते हैं। चेहरे पर झुर्रियां, जोड़ों में दर्द, चलने-फिरने में दिक्कत और नजर व याददाश्त कमजोर होना आम लक्षण हैं। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर ध्यान देना जरूरी है।

डाइट में शामिल करें ये खास चीजें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ खास खाद्य पदार्थ उम्र से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार होते हैं।
ओमेगा-3 से भरपूर फैटी फिश दिल और दिमाग के लिए फायदेमंद होती है।
चिया सीड्स शाकाहारियों के लिए अच्छा विकल्प है, जो शरीर को जरूरी फैटी एसिड प्रदान करता है।
अलसी के बीज सूजन कम करने के साथ-साथ हृदय और आंखों की सेहत के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं।

निष्कर्ष:
बढ़ती उम्र को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही आदतों के जरिए इसके असर को जरूर कम किया जा सकता है। संतुलित जीवनशैली अपनाकर न सिर्फ बुढ़ापे के लक्षणों को देर से लाया जा सकता है, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान भी रहा जा सकता है।

(साभार)

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