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गला सूखने की समस्या को न करें नजरअंदाज, पानी पीने के बाद भी मुंह सूखने के हो सकते हैं ये 6 कारण

गला सूखने की समस्या को न करें नजरअंदाज, पानी पीने के बाद भी मुंह सूखने के हो सकते हैं ये 6 कारण

क्या आपको बार-बार गला सूखने का एहसास होता है? क्या खूब पानी पीने के बाद भी मुंह और गले में सूखापन बना रहता है? अगर हां, तो इसे केवल सामान्य डिहाइड्रेशन या पानी की कमी समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार प्यास लगना और मुंह सूखना कई अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।

हमारे मुंह में बनने वाली लार (Saliva) उसे नम रखने के साथ-साथ भोजन चबाने, निगलने और मुंह की सेहत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। जब किसी कारण से लार का उत्पादन कम हो जाता है, तो पानी पीने के बावजूद सूखापन महसूस होता है। इसके साथ ही होंठ फटने, सांसों में दुर्गंध और निगलने में परेशानी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। आइए जानते हैं गला सूखने के 6 संभावित कारण और इनसे बचने के उपाय।

गला और मुंह सूखने के 6 प्रमुख कारण

  • मुंह से सांस लेना: अगर रात में सोते समय नाक बंद होने के कारण आप मुंह से सांस लेते हैं या खर्राटे लेते हैं, तो सुबह उठने पर गला सूखा महसूस हो सकता है।

  • ड्राई माउथ (जेरोस्टोमिया): जब लार ग्रंथियां पर्याप्त लार का उत्पादन नहीं करतीं, तो बोलने और खाने में परेशानी के साथ मुंह में सूखापन बना रहता है।

  • दवाओं का साइड इफेक्ट: एलर्जी, डिप्रेशन (एंटीडिप्रेसेंट), और दर्द निवारक जैसी कुछ दवाइयों के सेवन से भी मुंह सूखने की समस्या हो सकती है। (डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें)।

  • बढ़ा हुआ ब्लड शुगर: यदि गला सूखने के साथ-साथ अत्यधिक प्यास लगती है और बार-बार पेशाब आता है, तो यह डायबिटीज (मधुमेह) का संकेत हो सकता है। हालांकि, केवल इस लक्षण से पुष्टि नहीं होती, जांच जरूरी है।

  • कैफीन और तंबाकू का सेवन: दिनभर में अत्यधिक चाय, कॉफी, शराब या धूम्रपान करने से मुंह का प्राकृतिक नमी स्तर प्रभावित होता है।

  • तनाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं: अधिक तनाव, चिंता, संक्रमण या लार ग्रंथियों से जुड़ी बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं।

बचाव और राहत के लिए जरूरी उपाय

  • दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।

  • कैफीनयुक्त पेय और शराब का सेवन सीमित मात्रा में करें।

  • यदि नाक बंद रहती है, तो उसके मूल कारण का समय पर इलाज कराएं।

  • शुगर-फ्री च्युइंग गम चबाने से लार (Saliva) के बनने में मदद मिलती है।

  • ओरल हाइजीन यानी दांतों और मुंह की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

कब लें डॉक्टर की सलाह? यदि कई दिनों तक पर्याप्त पानी पीने के बाद भी मुंह का सूखापन बना रहे, या खाने-पीने में गंभीर परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। सांस लेने में कठिनाई होने पर आपातकालीन सहायता लें।

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