Breaking News
राशिद खान ने रचा इतिहास, अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में 200 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने
राशिद खान ने रचा इतिहास, अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में 200 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने
नियमों को ताक पर रखकर हो रहा था निर्माण, एमडीडीए ने की सीलिंग
नियमों को ताक पर रखकर हो रहा था निर्माण, एमडीडीए ने की सीलिंग
विरासत अभियान से हजारों लोगों को राहत, 4,943 संपत्ति नामांतरण प्रकरणों का हुआ निस्तारण
विरासत अभियान से हजारों लोगों को राहत, 4,943 संपत्ति नामांतरण प्रकरणों का हुआ निस्तारण
उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को गति: व्यय वित्त समिति ने पांच प्रस्तावों को दी मंजूरी
उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को गति: व्यय वित्त समिति ने पांच प्रस्तावों को दी मंजूरी
आज पांच जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट, सचिव आपदा प्रबंधन ने बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की
आज पांच जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट, सचिव आपदा प्रबंधन ने बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यूपीसीएल एवं पिटकुल की समीक्षा बैठक आयोजित, वित्तीय स्थिति में सुधार और लंबित देनदारियों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यूपीसीएल एवं पिटकुल की समीक्षा बैठक आयोजित, वित्तीय स्थिति में सुधार और लंबित देनदारियों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश
युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में धामी सरकार का बड़ा कदम, 1818 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू
युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में धामी सरकार का बड़ा कदम, 1818 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्मपत्नी गीता धामी के साथ मनाया करवाचौथ पर्व
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धर्मपत्नी गीता धामी के साथ मनाया करवाचौथ पर्व
एकता का संदेश लेकर दौड़ेंगे पौड़ीवासी, 31 अक्टूबर को होगा रन फॉर यूनिटी का आयोजन
एकता का संदेश लेकर दौड़ेंगे पौड़ीवासी, 31 अक्टूबर को होगा रन फॉर यूनिटी का आयोजन

तलाकशुदा मुस्लिम महिला भी सीआरपीसी के तहत अपने पूर्व पति से मांग सकेंगी गुजारा भत्ता

तलाकशुदा मुस्लिम महिला भी सीआरपीसी के तहत अपने पूर्व पति से मांग सकेंगी गुजारा भत्ता

जानें क्या है CRPC की धारा 125

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं के हित में बड़ा फैसला सुनाया है. इसके तहत अब मुस्लिम महिलाएं भी अपने पति के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-125 के तहत अपने भरण-पोषण के लिए याचिका दायर कर पाएंगी. देश के सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से उन मुस्लिम महिलाओं को बड़ी सहायता मिलेगी जिनका तालक हो चुका है और जो अकेले रहने के लिए मजबूर हैं।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने तेलंगाना के मुस्लिम व्यक्ति की याचिका को खारिज करते हुए ये फैसला लिया और कहा कि CrPC की धारा 125 देश की सभी महिलाओं के लिए लागू होती है, चाहे वे किसी भी धर्म से क्यों न हो. आपको बता दें कि तेलंगाना के एक व्यक्ति ने सीआरपीसी की धारा 125 में तलाकशुदा पत्नी को भरण-पोषण दिए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में आगे कहा गया कि अब मुस्लिम महिलाएं भी धारा 125 के तहत अपने भरण-पोषण के लिए गुजारा भत्ते की मांग कर सकेंगी।

CRPC की धारा 125 क्या कहती है?
CRPC की धारा 125 के उन लोगों को अधिकार प्रदान करती है जो कि खुद का भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं. इस धारा में पत्नियों, बच्चों और माता-पिता को अपने भरण-पोषण के लिए गुजारा भत्ता लेने के लिए अधिकार प्राप्त हैं. इस धारा के मुताबिक वो महिला जिसे उसके पति ने तलाक दे दिया है या फिर किसी वजह से महिला ने तलाक लिया है और वो फिर से शादी नहीं करती तो उसको अधिकार है कि वो अपने पूर्व पति से गुजारा भत्ता ले सकती है।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट इस फैसले को सुनाते हुए कहा कि CrPC की धारा 125 हर तरह से धर्मनिरपेक्ष है. चाहें कोई पति-पत्नी हिंदू हों या मुस्लिम, ईसाई हों या पारसी, ये प्रावधान सभी पर लागू हो सकता है. जिसमें ये माना गया कि मुस्लिम तलाकशुदा महिला CrPC की धारा 125 के तहत अपना भरण-पोषण मांगने की हकदार है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top