Breaking News
आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, विभागों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश
आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, विभागों को कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश
गैस और तेल संकट को लेकर हरक सिंह रावत का केंद्र सरकार पर हमला
गैस और तेल संकट को लेकर हरक सिंह रावत का केंद्र सरकार पर हमला
रोजाना दूध में मखाना मिलाकर पीने से शरीर को मिलते हैं कई स्वास्थ्य लाभ
रोजाना दूध में मखाना मिलाकर पीने से शरीर को मिलते हैं कई स्वास्थ्य लाभ
हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे, यात्रा की तैयारियां शुरू
हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे, यात्रा की तैयारियां शुरू
पुष्कर सिंह धामी ने 63 सफाई निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र
पुष्कर सिंह धामी ने 63 सफाई निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र
जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी
जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी
मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट मार्से पेड्रोजो का निधन, फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट मार्से पेड्रोजो का निधन, फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी से फिर लौटी ठंड
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी से फिर लौटी ठंड
कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगी आग से 11 लोग घायल, राष्ट्रपति मुर्मू  ने जताया गहरा शोक
कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगी आग से 11 लोग घायल, राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया गहरा शोक

वायनाड में 8वें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी,  400 से ज्यादा लोगों की गई जान

वायनाड में 8वें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी,  400 से ज्यादा लोगों की गई जान

वायनाड। सोमवार देर रात पुथुमाला में भूस्खलन के बाद मारे गए 29 अज्ञात लोगों और 154 बॉडी पार्ट्स का सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार किया गया। उनकी आत्मा की शांति के लिए आज मंगलवार को सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया।

भूस्खलन के आठवें दिन (मंगलवार) भी सर्च ऑपरेशन जारी है। आज सोचीपारा के सनराइज वैली दुर्गम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर की मदद से एक टीम पहुंचेगी। इस इलाके में 20 से ज्यादा घर थे। चालियार नदी में भी लापता लोगों को खोजा जा रहा है।

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर केरल का वायनाड अपनी भूगोलिक संरचना की वजह से प्राकृतिक आपदा का शिकार बना है। साल 2019 में केरल सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक समुद्री तट और पश्चिमी घाट की ढलानों के करीब होने की वजह से केरल राज्य प्राकृतिक आपदाओं के मामले में काफी संवेदनशील है। यहां का इको-सिस्टम नाजुक होने के कारण, प्रशासन ने इस एरिया को इको-सेंसिटिव एरिया (ESA) का टैग भी दिया हुआ है।

भूस्खलन के बाद से वायनाड में लगातार छुट्टियों के बाद सोमवार से स्कूल खुल गए। हालांकि जिन स्कूलों में राहत शिविर चल रहे हैं, वहां छुट्टी जारी रहेगी। मलप्पुरम जिले में भी राहत कार्यों के कारण स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं।

वायनाड में कुल 53 राहत शिविरों में 6759 लोग रह रहे हैं। इनमें 1983 परिवार, 2501 पुरुष, 2677 महिलाएं, 20 गर्भवती महिलाएं और 1581 बच्चे शामिल हैं।

वायनाड में भारी बारिश इस भूस्खलन का सबसे बड़ा कारण है। लगातार बारिश से मिट्टी नरम हो गई, जिसके कारण पहाड़ों से मिट्टी और पत्थर खिसककर नीचे आ गए।

वायनाड में आए भूस्खलन के बाद वन विभाग के अधिकारी भी दूरदराज के इलाकों से लोगों का रेस्क्यू कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन के 5वें दिन बाद दूर दराज के आदिवासी इलाके से 4 बच्चों समेत 6 लोगों का रेस्क्यू किया था।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि वे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और उनकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

यह त्रासदी वायनाड के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जो इसके इको-सिस्टम को और अधिक स्थिर बनाने के प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top