Breaking News
देहरादून पुलिस का त्वरित एक्शन, 24 घंटे में बुलेट चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
देहरादून पुलिस का त्वरित एक्शन, 24 घंटे में बुलेट चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
लोकसभा में नकल विरोधी संशोधन विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
लोकसभा में नकल विरोधी संशोधन विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर SIR पर की समीक्षा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर SIR पर की समीक्षा
कांवड़ यात्रा के दौरान SDRF की त्वरित कार्रवाई, कांगड़ा घाट पर गंगा में डूब रहे कांवड़िये को सकुशल बचाया
कांवड़ यात्रा के दौरान SDRF की त्वरित कार्रवाई, कांगड़ा घाट पर गंगा में डूब रहे कांवड़िये को सकुशल बचाया
सेलाकुई में चोरी और वाहन चोरी का खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार
सेलाकुई में चोरी और वाहन चोरी का खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध जनभागीदारी से चलाना होगा प्रभावी अभियान- मुख्यमंत्री
सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध जनभागीदारी से चलाना होगा प्रभावी अभियान- मुख्यमंत्री
सिर्फ हेल्दी खाना नहीं, सही समय पर खाना भी है जरूरी, जानिए पूरे दिन का परफेक्ट डाइट शेड्यूल
सिर्फ हेल्दी खाना नहीं, सही समय पर खाना भी है जरूरी, जानिए पूरे दिन का परफेक्ट डाइट शेड्यूल
आपदा राहत कार्यों में तेजी लाएं, अवरुद्ध मार्गों को प्राथमिकता से खोलें- आयुक्त आनंद स्वरूप
आपदा राहत कार्यों में तेजी लाएं, अवरुद्ध मार्गों को प्राथमिकता से खोलें- आयुक्त आनंद स्वरूप
‘जुमानजी: ओपन वर्ल्ड’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, गेम के किरदार पहुंचे अब असली दुनिया में
‘जुमानजी: ओपन वर्ल्ड’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, गेम के किरदार पहुंचे अब असली दुनिया में

न्याय की देवी की मूर्ति में बदलाव, अब पट्टी हटी, हाथ में तलवार की जगह संविधान

न्याय की देवी की मूर्ति में बदलाव, अब पट्टी हटी, हाथ में तलवार की जगह संविधान

नई दिल्ली। अक्सर आपने सुना होगा कि “कानून अंधा होता है,” लेकिन अब यह कहावत पुरानी हो चुकी है। न्याय की देवी की नई मूर्ति का अनावरण किया गया है, जिसमें कई अहम बदलाव किए गए। अब न्याय की देवी की आंखों पर कोई पट्टी नहीं है, और तलवार की जगह उनके हाथ में भारत का संविधान नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के निर्देश पर अदालतों में लगने वाली इस मूर्ति में बदलाव किए गए हैं, जो एक बड़ा संदेश दे रहे हैं।

क्यों हटाई गई पट्टी?
पहले न्याय की देवी की आंखों पर बंधी पट्टी यह दर्शाती थी कि न्याय बिना पक्षपात के, सभी के लिए समान होता है। लेकिन अब इस पट्टी को हटा दिया गया है ताकि यह संदेश दिया जा सके कि कानून अंधा नहीं है और हर व्यक्ति को निष्पक्ष और स्पष्ट दृष्टि से देखा जाएगा। यह बदलाव लोगों के बीच कानून और न्याय की प्रक्रिया के प्रति विश्वास बढ़ाने की कोशिश है।

तलवार की जगह संविधान
पहले न्याय की देवी के बाएं हाथ में तलवार हुआ करती थी, जिसे अब हटा दिया गया है। इसके स्थान पर संविधान रखा गया है, जो यह संदेश देता है कि हर फैसला विधि के अनुरूप और संविधान के आधार पर होगा। यह बदलाव न्यायिक प्रक्रिया में आधुनिकता और संवैधानिक मूल्यों को प्रदर्शित करता है।

नई मूर्ति का स्वागत
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने न्यायिक प्रक्रिया में पुराने ब्रिटिश कालीन प्रतीकों को बदलने की पहल की है। यह कदम न्यायपालिका की छवि में भारतीयता और समयानुसार बदलाव लाने का प्रयास है। संविधान की मूल भावना—समानता का अधिकार—अब इस मूर्ति के जरिए प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देगा, और इस बदलाव का समाज के हर वर्ग में स्वागत हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top