Breaking News
विभाग ने पेयजल संकट से निपटने के लिए की व्यापक तैयारी
सीएम धामी का यूसीसी लागू किये जाने पर सम्मान एवं अभिनंदन समारोह किया आयोजित 
आईपीएल 2025- मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला आज 
दिल्ली में धार्मिक त्योहारों के दिन रहेगा ड्राई डे, आबकारी विभाग ने जारी किया आदेश 
मुख्यमंत्री धामी ने सम्भागीय निरीक्षक पद पर नियुक्त अभ्यर्थियों को प्रदान किये नियुक्ति पत्र
अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘आर्या 2’ एक बार फिर से देगी सिनेमाघरों में दस्तक, इस दिन होगी री-रिलीज
मुख्यमंत्री धामी ने फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों का जाना हालचाल 
यूपीआई लेनदेन की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नए नियम किए जारी, आज से होंगे लागू 
हल्द्वानी में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, दलित समाज पर टिप्पणी को लेकर आक्रोश

पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने में नहीं लगेगी कोई फीस 

प्रदेश में लगभग 16 लाख उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे स्मार्ट मीटर

देहरादून। केंद्र सरकार की आर डी एस एस योजना के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की भाँति उत्तराखंड में भी स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। सबसे पहले सभी सरकारी आवासों, दफ्तरों एवं कमर्शियल कंज्यूमर्स के यहाँ स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे तत्पश्चात सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के यहाँ भी पुराने मीटर बदलकर निःशुल्क नए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। स्मार्ट मीटर एक ऐसा आधुनिक मीटर है जिसका कंट्रोल उपभोक्ताओं के हाथों में है तथा इससे आपको पल पल के बिजली उपयोग की जानकारी, सारी ज़रूरी सूचनाओं के संदेश, बिजली के उपयोग की तुलना आदि सहित आसान पेमेंट के कई विकल्प भी मिलते हैं।

इस योजना के अंतर्गत स्मार्ट मीटर प्रणाली की स्थापना का कार्य न केवल उत्तराखंड राज्य बल्कि पूरे भारत में लगभग इंटेलिस्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, जीएमआर जनरेशन, एनर्जीविज़ प्राइवेट, शिरडी साई इलेक्ट्रिकल्स, ग्राम पावर इंडिया, अडानी इंटरप्राइजेज, बीसीआईटीएस, टाटा पावर कंपनी जैसी 45 से भी अधिक कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में अडानी ग्रुप को इस कार्य का ज़िम्मा सौंपा गया है जिसमें लगभग 6.25 लाख कंस्यूमर्स मीटर्स की स्थापना का कार्य तथा गढ़वाल क्षेत्र में मै० जीनस के द्वारा लगभग 9.62 लाख कंस्यूमर्स मीटर की स्थापना का कार्य किया जा रहा है।

उत्तराखंड राज्य में दोनों कार्यदायी संस्थाओं को विधुत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी मॉडल मानक बोली दस्तावेज में निहित नियमानुसार निविदा अवार्ड होने के पश्चात ही स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य दिया गया है। अडानी ग्रुप द्वारा भारत के अन्य राज्यों में भी स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य गतिमान है जिसमें बिहार असम, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश इत्यादि राज्य सम्मिलित हैं। स्मार्ट मीटर्स आधुनिक तकनीकी पर आधारित मीटिंग प्रणाली है जिससे प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को उनके बिजली के बिल पर नियंत्रण कर लाभान्वित किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top