Breaking News
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
गृहमंत्री के दौरे से पहले डीएम सविन बंसल ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
गृहमंत्री के दौरे से पहले डीएम सविन बंसल ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
7 मार्च को रिलीज होगा ‘धुरंधर 2’ का ट्रेलर, मेकर्स ने किया ऐलान
7 मार्च को रिलीज होगा ‘धुरंधर 2’ का ट्रेलर, मेकर्स ने किया ऐलान
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या
प्रदेश में खुलेंगे 3 नए जिला सहकारी बैंक- डॉ. धन सिंह रावत
प्रदेश में खुलेंगे 3 नए जिला सहकारी बैंक- डॉ. धन सिंह रावत
​भौगोलिक बाधाओं के कारण कोई भी पीड़ित महिला न्याय की मुख्यधारा से वंचित न रहे- कुसुम कंडवाल
​भौगोलिक बाधाओं के कारण कोई भी पीड़ित महिला न्याय की मुख्यधारा से वंचित न रहे- कुसुम कंडवाल

टीपू सुल्तान की ऐतिहासिक तलवार नीलाम, 3.4 करोड़ रुपये में हुई बिक्री

टीपू सुल्तान की ऐतिहासिक तलवार नीलाम, 3.4 करोड़ रुपये में हुई बिक्री

नई दिल्ली। टीपू सुल्तान की तलवार नीलाम हो गई है, जो उनके निजी शस्त्रागार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। यह तलवार श्रीरंगपट्टनम की ऐतिहासिक जंग (Battle of Seringapatam) में इस्तेमाल की गई थी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तलवार बॉनहैम्स ऑक्शन हाउस (Bonhams Auction House) में 3.17 लाख पाउंड में बिकी है, जो भारतीय रुपये में लगभग 3.4 करोड़ के बराबर है। बताया जाता है कि इस तलवार का संबंध 1799 की उस प्रसिद्ध जंग से है, जिसमें टीपू सुल्तान वीरगति को प्राप्त हुए थे। तलवार को ब्रिटिश अधिकारी जेम्स एंड्रयू डिक (James Andrew Dick) को उनकी सेवा के लिए इनाम स्वरूप दी गई थी, और जून 2024 तक यह उनके परिवार के पास थी।

तलवार पर हैदर अली के निशान
बॉनहैम्स ऑक्शन हाउस के अनुसार, यह तलवार मैसूर के बाघ टीपू सुल्तान की विरासत को दर्शाती है। इस तलवार पर बाघ की पट्टियों ‘बुबरी’ की विशेष सजावट है, जो इसे एक अनोखा रूप देती है। इसके ब्लेड पर सोने में जड़ा हुआ अरबी अक्षर ‘हा’ टीपू के पिता हैदर अली का संदर्भ है, जो इस तलवार की ऐतिहासिकता को और बढ़ाता है।

तलवार का ऐतिहासिक महत्व
अप्रैल-मई 1799 में ईस्ट इंडिया कंपनी और मैसूर साम्राज्य के बीच श्रीरंगपट्टनम का युद्ध हुआ। इसमें हैदराबाद के निजाम और मराठा भी अंग्रेजों का साथ दे रहे थे। इस युद्ध में टीपू सुल्तान शहीद हो गए थे। कैप्टन एंड्रयू डिक की रेजिमेंट ने टीपू सुल्तान के शव की तलाशी ली और उनके किले पर कब्जा किया। डिक उन कुछ अफसरों में से थे, जिन्होंने इस युद्ध में किले में घुसकर विजय प्राप्त की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top