Breaking News
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
पार्टी कार्यकर्ताओं संग हरिद्वार रवाना हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी

गणपति बप्पा की स्थापना करने के लिए ऐसे करें घर, मंदिर और पंडाल की सजावट

गणपति बप्पा की स्थापना करने के लिए ऐसे करें घर, मंदिर और पंडाल की सजावट

7 सितंबर से गणेशोत्सव प्रारंभ हो रहा है, जिस दौरान भगवान गणेश 10 दिनों के लिए धरती पर आते हैं। गणेश चतुर्थी के मौके पर भक्त अपने घरों में गणपति बप्पा की मूर्तियों की स्थापना करते हैं। इस दौरान भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें तरह-तरह के भोग लगाए जाते हैं।अगर आप भी इस बार गणेश जी की मूर्ति घर ला रहे हैं तो मंदिर, पंडाल और घर की सजावट के लिए ये तरीके अपनाएं।

कांच की लालटेन और दीयों से करें सजावट
आज कल हर कोई गणपति जी का पंडाल सजाने के लिए एलईडी लाइट का इस्तेमाल करता है। आप इनके बजाए हिंदू धर्म में सदियों से इस्तेमाल होने वाली लालटेन से घर और मंदिर को सजा सकते हैं।बाजार से कुछ कांच की लालटेन खरीदें और उनको अपने मनपसंद रंगों में पेंट कर दें। अब इनमें घी के दीपक या मोमबत्तियां जलाकर रखें।इनके जरिए घर तो रोशन होगा ही, बल्कि आपके घर में बड़े मंदिरों की झलक भी जुड़ जाएगी।

फूलों वाली सजावट से महक उठेगा घर और मंदिर
गणेश चतुर्थी के त्योहार पर घर की सजावट करने का सबसे अच्छा तरीका है फूलों का इस्तेमाल करना।आप गेंदा, चमेली, गुलाब आदि जैसे सुगंधित फूलों के जरिए मंदिर और पंडाल को खूबसूरत दिखा सकते हैं।ऐसे रंगों वाले फूलों को चुनें, जो एक साथ अच्छे दिखते हों और उनमें हरियाली जोडऩे के लिए पत्तियां भी शामिल करें। आप बाजार में मिलने वाले नकली फूलों का भी चुनाव कर सकते हैं।

रंग-बिरंगे दुप्पटों और रोशनी से जगमगाएगा पंडाल
अगर आपका बजट कम है और आप कम पैसों में बेहद आकर्षक पंडाल तैयार करना चाहते हैं तो दुप्पटों से सजावट करें। अलग-अलग रंगों वाले दुप्पटे लेकर उन्हें दीवार पर लटकाएं।आप इन दुपट्टों की मदद से एक मंडप भी तैयार कर सकते हैं, जिसके बीचों बीच मूर्ति की स्थापना हो सके। पंडाल की शोभा को और बढ़ाने के लिए चारों तरफ लाइट वाली झालर लटका दें।जानिए गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को क्यों चढ़ती हैं ये चीजें।

किसी विशेष थीम का करें चुनाव
देशभर में गणेश चतुर्थी के मौके पर बड़े-बड़े पंडाल लगाए जाते हैं, जिनमें किसी थीम पर आधारित सजावट की जाती है। आप भी अपने घर पर सजावट करने के लिए कोई विशेष थीम चुन सकते हैं।इन दिनों मोर वाली सजावट, मानसून की थीम वाली सजावट, भगवान शिव के थीम वाली सजावट आदि बेहद चलन मे हैं। कोई एक थीम चुनें और उसे दर्शाने वाली सजावट करें।आप पर्यावरण के अनुकूल गणेश प्रतिमा बनाने के लिए ये तरीके अपनाएं।

पर्यावरण के अनुकूल सजावट के लिए अपनाएं ये तरीके
इन दिनों बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए हमें पर्यावरण के अनुकूल सजावट को बढ़ावा देना चाहिए।आप गणेशोत्सव पर पर्यावरण के अनुकूल सजावट करने के लिए रंग-बिरंगे कागजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन कागजों से फूल, लडिय़ां, झालरें और कलाकृतियां बनाकर दीवारों पर लगाएं।इसके अलावा, आप फूल, पत्तियों और फलों से भी पंडाल की शोभा बढ़ा सकते हैं। मंदिर और घर को रोशन करने के लिए दीयों का उपयोग करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top