Breaking News
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शहीद हवलदार बहादुर सिंह बोहरा की 19वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शहीद हवलदार बहादुर सिंह बोहरा की 19वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
रजनीकांत की ‘जेलर 2’ का दूसरा गाना ‘वन सन, वन मून’ हुआ रिलीज
रजनीकांत की ‘जेलर 2’ का दूसरा गाना ‘वन सन, वन मून’ हुआ रिलीज
आर्थिक संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे का उपचार नहीं होने दिया जाएगा प्रभावित- डीएम
आर्थिक संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे का उपचार नहीं होने दिया जाएगा प्रभावित- डीएम
नागालैंड में संदिग्ध जहरीली शराब से 19 लोगों की मौत, जांच के लिए SIT गठित
नागालैंड में संदिग्ध जहरीली शराब से 19 लोगों की मौत, जांच के लिए SIT गठित
बैंक हड़ताल से नहीं होगा सहकारी बैंकों के ग्राहकों पर असर, पैसे जमा-निकासी समेत मिलेंगी कई सेवाएं
बैंक हड़ताल से नहीं होगा सहकारी बैंकों के ग्राहकों पर असर, पैसे जमा-निकासी समेत मिलेंगी कई सेवाएं
एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम का जलवा, ईरान को हराकर जीता स्वर्ण पदक
एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम का जलवा, ईरान को हराकर जीता स्वर्ण पदक
उत्तराखंड में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
उत्तराखंड में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और सीसीआरएच के बीच हुआ महत्वपूर्ण एमओयू
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय और सीसीआरएच के बीच हुआ महत्वपूर्ण एमओयू
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियां शुरू, डीएम ने दिए समयबद्ध एवं प्रभावी व्यवस्थाओं के निर्देश
विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियां शुरू, डीएम ने दिए समयबद्ध एवं प्रभावी व्यवस्थाओं के निर्देश

अमेरिका-चीन रिश्तों में नई पहल- 9 साल बाद चीन जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

अमेरिका-चीन रिश्तों में नई पहल- 9 साल बाद चीन जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

वाशिंगटन। करीब नौ साल बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति चीन दौरे पर जा रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन के दौरे पर रहेंगे। यह दौरा राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर हो रहा है। ऐसे समय में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता संकट और वैश्विक व्यापार को लेकर दुनिया की चिंता लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा ताइवान, व्यापारिक टैरिफ और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों पर अमेरिका और चीन के रिश्तों में तल्खी भी बनी हुई है।

ट्रंप के दौरे का पूरा कार्यक्रम
व्हाइट हाउस की प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार शाम बीजिंग पहुंचेंगे। गुरुवार को उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। इस दौरान ट्रंप बीजिंग स्थित ऐतिहासिक टेंपल ऑफ हेवन का भी दौरा करेंगे और शाम को राजकीय भोज में शामिल होंगे। शुक्रवार को दोनों नेताओं के बीच फिर बैठक होगी, जिसमें चाय पर अनौपचारिक चर्चा और वर्किंग लंच का कार्यक्रम तय है। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा भी संभव है।

व्यापारिक रिश्तों पर रहेगी नजर
ट्रंप की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार समझौते को लेकर नई उम्मीदें पैदा हुई हैं। चीन और अमेरिका ने घोषणा की कि चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग 12 और 13 मई को दक्षिण कोरिया में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के साथ अहम व्यापार वार्ता करेंगे। माना जा रहा है कि यह बातचीत ट्रंप की चीन यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

आर्थिक मुद्दों पर होगा फोकस
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के बुसान में होने वाली यह वार्ता हालिया फोन बातचीत और दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति को आगे बढ़ाने का प्रयास होगी। चर्चा का मुख्य केंद्र व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दे रहेंगे।

ताइवान पर टकराव की संभावना
ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत में ताइवान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठ सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच इस विषय पर लगातार चर्चा होती रही है, लेकिन अमेरिका अपने पुराने रुख पर कायम है।

हथियार बिक्री को लेकर भी चर्चा
अमेरिकी अधिकारियों ने ताइवान को हथियार आपूर्ति के मुद्दे का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि ट्रंप प्रशासन ने अपने पहले कार्यकाल के शुरुआती वर्षों में ताइवान को बड़ी मात्रा में हथियार बिक्री को मंजूरी दी थी। इससे संकेत मिलता है कि चीन के विरोध के बावजूद अमेरिका ताइवान के समर्थन को लेकर अपनी नीति में नरमी के मूड में नहीं है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top