Breaking News
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
मसूरी के रॉक स्टोन पर चला एमडीडीए का बुलडोजर, अपर माल रोड पर अनाधिकृत निर्माण ध्वस्त
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
संसाधनों और अवसरों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में नहीं बनेगी बाधा- मुख्यमंत्री
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज
‘श्रमिक अपने पसीने से प्रदेश के विकास की नई इबारत लिख रहे’- महाराज
जनता मिलन में 19 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
जनता मिलन में 19 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
स्वस्थ बालिकाएं ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव रखती हैं- ऋतु खण्डूडी भूषण
उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा- मुख्यमंत्री
उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा- मुख्यमंत्री
उत्तराखंड में बढ़ा लंपी रोग का खतरा, 21 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि, एक बछड़े की मौत
उत्तराखंड में बढ़ा लंपी रोग का खतरा, 21 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि, एक बछड़े की मौत
बार-बार थकना और ज्यादा प्यास लगना! बच्चों में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान
बार-बार थकना और ज्यादा प्यास लगना! बच्चों में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान
लैंडिंग के बाद बेकाबू हुआ अमेजन का कार्गो विमान, कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत
लैंडिंग के बाद बेकाबू हुआ अमेजन का कार्गो विमान, कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत

सेहत के लिए फायदेमंद चुकंदर, लेकिन इन लोगों के लिए बन सकता है नुकसानदेह

सेहत के लिए फायदेमंद चुकंदर, लेकिन इन लोगों के लिए बन सकता है नुकसानदेह

सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाने वाली चीज़ों में चुकंदर का नाम भी ऊपर लिया जाता है। खून की कमी से लेकर कमजोरी दूर करने तक, इसे एक नेचुरल टॉनिक के तौर पर देखा जाता है। लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो हर व्यक्ति के लिए चुकंदर उतना ही सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं। कुछ खास बीमारियों और शारीरिक स्थितियों में इसका सेवन फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी के अनुसार, चुकंदर में मौजूद ऑक्सलेट, नाइट्रेट और कुछ रासायनिक तत्व कुछ लोगों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

डॉक्टर बताती हैं कि चुकंदर में पाए जाने वाले प्यूरिन और नाइट्रेट्स हर शरीर के मेटाबॉलिज्म के अनुकूल नहीं होते। बिना अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझे अगर इसका नियमित या अधिक मात्रा में सेवन किया जाए, तो यह पहले से मौजूद समस्याओं को और बढ़ा सकता है। ऐसे में कुछ लोगों को चुकंदर से दूरी बनाना या बेहद सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।

पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं
जिन लोगों को आंतों की संवेदनशीलता, IBS या बार-बार गैस, पेट दर्द और दस्त की शिकायत रहती है, उनके लिए चुकंदर परेशानी बढ़ा सकता है। इसमें मौजूद फाइबर और फ्रुक्टन्स पाचन तंत्र पर दबाव डालते हैं, जिससे पेट में मरोड़ और गैस की समस्या हो सकती है। वहीं एसिडिटी या GERD से पीड़ित लोगों में यह सीने में जलन और बेचैनी को बढ़ा सकता है।

किडनी स्टोन और गुर्दे की कमजोरी
किडनी स्टोन की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए चुकंदर का सेवन जोखिम भरा माना जाता है। इसमें ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होती है, जो पथरी बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकती है। इसके अलावा जिन लोगों की किडनी कमजोर है या ठीक से फिल्टर नहीं कर पा रही, उनके लिए चुकंदर में मौजूद पोटेशियम शरीर में असंतुलन पैदा कर सकता है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

लो ब्लड प्रेशर और यूरिक एसिड की समस्या
चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट्स होते हैं, जो रक्त नलिकाओं को फैलाकर ब्लड प्रेशर को कम करते हैं। पहले से लो बीपी वाले लोगों में यह अचानक चक्कर, कमजोरी या थकान की वजह बन सकता है। वहीं हाई यूरिक एसिड और गाउट के मरीजों को भी इससे सावधान रहना चाहिए, क्योंकि चुकंदर में मौजूद प्यूरिन यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाकर जोड़ों में दर्द और सूजन बढ़ा सकता है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए सावधानी जरूरी
मधुमेह के रोगियों के लिए भी चुकंदर पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है। खासकर खाली पेट चुकंदर का जूस पीने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

डॉ. शालिनी सिंह सोलंकी का कहना है कि इन विशेष परिस्थितियों में बिना चिकित्सकीय परामर्श के चुकंदर का सेवन लाभ के बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए किसी भी सुपरफूड को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले अपनी सेहत और जरूरतों को समझना बेहद जरूरी है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी आहार में बदलाव से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top