Breaking News
1098 पर कॉल करें, मुसीबत में बच्चों को मिलेगी मदद
1098 पर कॉल करें, मुसीबत में बच्चों को मिलेगी मदद
विकासखंड कोट में सेवा संकल्प अभियान के बहुउद्देशीय शिविर में उमड़ा उत्साह
विकासखंड कोट में सेवा संकल्प अभियान के बहुउद्देशीय शिविर में उमड़ा उत्साह
रोजाना ब्रोकली खाने से शरीर को मिलते हैं ये 5 बड़े फायदे, हड्डियां भी होंगी मजबूत
रोजाना ब्रोकली खाने से शरीर को मिलते हैं ये 5 बड़े फायदे, हड्डियां भी होंगी मजबूत
बांग्लादेश में ड्रम के अंदर मिला हिंदू ज्वैलर का शव, सिर-छाती पर धारदार हथियार के निशान
बांग्लादेश में ड्रम के अंदर मिला हिंदू ज्वैलर का शव, सिर-छाती पर धारदार हथियार के निशान
आंगनबाड़ी केंद्र है बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखने का प्रथम आयाम- रेखा आर्या
आंगनबाड़ी केंद्र है बच्चों के भविष्य की बुनियाद रखने का प्रथम आयाम- रेखा आर्या
SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर 30 सितंबर को बैठक कर सकता है INDIA गुट
SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर 30 सितंबर को बैठक कर सकता है INDIA गुट
विद्यार्थी और किसान देश की प्रगति के आधार- गणेश जोशी
विद्यार्थी और किसान देश की प्रगति के आधार- गणेश जोशी
विद्यार्थी और किसान देश की प्रगति के आधार- गणेश जोशी
विद्यार्थी और किसान देश की प्रगति के आधार- गणेश जोशी
लेखपाल-पटवारियों के लिए नया फरमान, जाति-आय और निवास प्रमाण-पत्र से पहले करना होगा स्थलीय सत्यापन
लेखपाल-पटवारियों के लिए नया फरमान, जाति-आय और निवास प्रमाण-पत्र से पहले करना होगा स्थलीय सत्यापन

ज्यादा सोया चाप खाना पड़ सकता है भारी, जान लीजिये इसके नुकसान

ज्यादा सोया चाप खाना पड़ सकता है भारी, जान लीजिये इसके नुकसान

आजकल युवाओं के बीच स्ट्रीट फूड का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है और सोया चाप भी उन्हीं लोकप्रिय फूड्स में शामिल हो गया है। स्वाद और प्रोटीन के नाम पर लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं। रेस्टोरेंट्स से लेकर सड़क किनारे स्टॉल तक, सोया चाप हर जगह आसानी से मिल जाता है। कई लोग इसे हेल्दी ऑप्शन मानकर अपनी डाइट का हिस्सा बना लेते हैं, लेकिन क्या इसका ज्यादा सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्वाद के साथ-साथ इसकी क्वालिटी और बनाने का तरीका भी समझना जरूरी है।

दरअसल, सोया चाप पूरी तरह प्राकृतिक फूड नहीं माना जाता। इसे तैयार करने में कई तरह की प्रोसेसिंग की जाती है, जिसमें सोया के साथ मैदा, स्टार्च और अन्य सामग्री मिलाई जाती है। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स इसके अधिक सेवन से बचने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि जरूरत से ज्यादा प्रोसेस्ड फूड शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।

कैसे तैयार की जाती है सोया चाप?
सोया चाप बनाने के लिए सोया प्रोटीन को अलग-अलग प्रोसेस से गुजारा जाता है। इसके बाद इसमें मैदा और अन्य बाइंडिंग सामग्री मिलाकर इसे खास आकार दिया जाता है। कई जगहों पर स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें अतिरिक्त मसाले और प्रिजर्वेटिव्स भी डाले जाते हैं। यही कारण है कि इसे सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है।

पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोया चाप में इस्तेमाल होने वाली रिफाइंड सामग्री और स्टार्च पेट के लिए भारी साबित हो सकते हैं। इसका अधिक सेवन गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी और अपच जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है। जिन लोगों का डाइजेशन कमजोर है, उन्हें खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

डीप फ्राई होने से बढ़ता है खतरा
अधिकतर स्ट्रीट स्टॉल्स पर सोया चाप को तेल में डीप फ्राई करके तैयार किया जाता है। इससे इसमें ट्रांस फैट और अतिरिक्त कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, ज्यादा ट्रांस फैट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

वजन बढ़ने का बन सकता है कारण
सोया चाप को अगर बार-बार और ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो यह वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। खासकर बटर, क्रीम और ज्यादा मसालों के साथ बनी सोया चाप शरीर में अतिरिक्त फैट जमा कर सकती है। लंबे समय तक इसका अधिक सेवन मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

सीमित मात्रा में सेवन बेहतर
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सोया चाप अच्छी क्वालिटी की हो और कम तेल में घर पर बनाई जाए तो इसे कभी-कभार खाया जा सकता है। हालांकि, इसे रोजाना डाइट का हिस्सा बनाना सेहत के लिए सही नहीं माना जाता।

नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स में उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top