Breaking News
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी

यूटीयू में सॉफ्टवेयर डेवलप किए जाने के नाम पर करोड़ों का घोटाला

यूटीयू में सॉफ्टवेयर डेवलप किए जाने के नाम पर करोड़ों का घोटाला

सचिव डॉ. रंजित सिन्हा को रिश्वत देने की पेशकश की गई

देहरादून। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में सॉफ्टवेयर डेवलप किए जाने के नाम पर करोड़ों का घोटाला पकड़ में आने के बाद मामले में नया मोड़ आया है। इस मामले में सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी के प्रतिनिधि की ओर से शासन में तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजित सिन्हा को रिश्वत देने की पेशकश की गई। यह बात सामने आने के बाद शासन में हड़कंप मचा हुआ है। सचिव की ओर से संबंधित कंपनी को ब्लैक लिस्ट किए जाने की संस्तुति की गई है।

बता दें कि पिछले दिनों यूटीयू में सॉफ्टवेयर डेवलप किए जाने के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला तकनीकी शिक्षा सचिव की जांच में पकड़ में आया था। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने लखनऊ की एक कंपनी से अनुबंध कर ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग), यूएमएस (यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम) सॉफ्टवेयर का निर्माण कराया था। इसके लिए कंपनी को करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। लेकिन शासन की जांच में मामला पकड़ में आने के बाद कंपनी की ओर से मामले का रफा-दफा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

चार मार्च को कंपनी के प्रतिनिधि ने सचिवालय में आकर सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. रंजीत सिन्हा से मुलाकात की और उन्हें मामले को रफा-दफा करने के लिए घूस की पेशकश की। जिस पर सचिव बुरी तरह से बिफर गए और उन्होंने तत्काल कंपनी प्रतिनिधि को कार्यालय से जाने को कहा।  इसके तत्काल बाद सचिव की ओर से कुलसचिव यूटीयू को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि ‘स्पष्ट करें कि क्या संबंधित व्यक्ति को विश्वविद्यालय की ओर से सचिवालय भेजा गया था। यदि हां तो, इस संबंध में अपना स्पष्टीकरण शीघ्र उन्हें उपलब्ध कराएं। यदि नहीं तो, तत्काल कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई करें’। संबंधित प्रकरण की सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. रंजित सिन्हा ने पुष्टि की है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top