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असम में बाढ़ से हाहाकार,मृतकों का आंकड़ा 100 पहुंचा, कई जिलों में अब भी हालात गंभीर

असम में बाढ़ से हाहाकार,मृतकों का आंकड़ा 100 पहुंचा, कई जिलों में अब भी हालात गंभीर

गुवाहाटी (असम): असम में प्राकृतिक आपदा का प्रकोप लगातार जारी है। राज्य में बाढ़ की विभीषिका के बीच जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 100 हो गई है। राज्य के कई जिले अब भी जलमग्न हैं और लाखों की आबादी इससे प्रभावित हुई है। आपदा रिपोर्टिंग और सूचना प्रबंधन प्रणाली (DRIMS) के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, मृतकों में 60 पुरुष, 23 महिलाएं और 18 बच्चे शामिल हैं।

बाढ़ से सबसे अधिक तबाही शिवसागर और कछार जिलों में देखने को मिल रही है। आंकड़ों के प्रशासनिक संशोधन के बाद शिवसागर में मृतकों की संख्या 49 दर्ज की गई है, जबकि कछार जिले में 22 लोगों की जान गई है। इसके अलावा करीमगंज, गोलाघाट, जोरहाट, धेमाजी और नगांव समेत कई अन्य जिलों में भी भारी तबाही हुई है। अकेले जोरहाट जिले के 304 गांवों में करीब 1.66 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। पानी के तेज बहाव से बड़े पैमाने पर फसलें नष्ट हो गई हैं और पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

राहत और बचाव कार्य के लिए राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियां मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा रही है। इस संकट के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एकजुटता दिखाते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से फोन पर स्थिति का जायजा लिया और बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर निगरानी रख रहा है ताकि स्थिति को जल्द नियंत्रण में लाया जा सके।

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