Breaking News
इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची उत्तराखंड की मछली
इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची उत्तराखंड की मछली
बागनाथ संग्रहालय को शीघ्र आम जनता के लिए खोले जाने की तैयारी
बागनाथ संग्रहालय को शीघ्र आम जनता के लिए खोले जाने की तैयारी
बीएलओ और फ़ील्ड स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्य निर्वाचन अधिकारी
बीएलओ और फ़ील्ड स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्य निर्वाचन अधिकारी
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 42 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 42 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
​85 वर्षीय बुजुर्ग माता के उत्पीड़न पर सख्त हुआ राज्य महिला आयोग
​85 वर्षीय बुजुर्ग माता के उत्पीड़न पर सख्त हुआ राज्य महिला आयोग
एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर किए गए अवैध निर्माण पर चली सीलिंग की कार्रवाई
एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर किए गए अवैध निर्माण पर चली सीलिंग की कार्रवाई
डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का किया निरीक्षण
डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का किया निरीक्षण
मानसून सीजन को लेकर सजग रहें अधिकारी- महाराज
मानसून सीजन को लेकर सजग रहें अधिकारी- महाराज
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था आपातकाल- मुख्यमंत्री धामी
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था आपातकाल- मुख्यमंत्री धामी

पैरों में बार-बार होने वाली सूजन को न करें नजरअंदाज, हो सकता है दिल की बीमारी का संकेत

पैरों में बार-बार होने वाली सूजन को न करें नजरअंदाज, हो सकता है दिल की बीमारी का संकेत

बदलती दिनचर्या, तनाव और असंतुलित खानपान के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार शरीर पहले ही गंभीर बीमारी के संकेत देने लगता है, लेकिन लोग उन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। पैरों में बार-बार होने वाली सूजन भी ऐसा ही एक संकेत हो सकता है, जो दिल की कमजोरी की ओर इशारा करता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर पैरों, टखनों या तलवों में लगातार सूजन बनी रहती है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर टालना खतरनाक हो सकता है। यह स्थिति शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने का संकेत देती है, जो अक्सर दिल की कार्यक्षमता कमजोर होने से जुड़ी होती है। जब दिल सही तरीके से रक्त पंप नहीं कर पाता, तो शरीर के निचले हिस्सों में द्रव जमा होने लगता है, जिससे सूजन दिखाई देने लगती है।

मेडिकल भाषा में इस स्थिति को “एडीमा” कहा जाता है। यह समस्या सिर्फ पैरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हाथों, चेहरे और पेट में भी दिखाई दे सकती है। हालांकि, दिल से जुड़ी समस्याओं में इसका असर पैरों और टखनों में ज्यादा देखने को मिलता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि एडीमा के साथ कई अन्य लक्षण भी सामने आ सकते हैं, जैसे अचानक वजन बढ़ना, त्वचा में खिंचाव महसूस होना, सांस लेने में परेशानी, जल्दी थकान और चलने-फिरने में दिक्कत। कुछ मामलों में जूते या चप्पल का अचानक टाइट लगना भी शरीर में तरल पदार्थ बढ़ने का संकेत होता है।

डॉक्टरों की सलाह है कि अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। नमक का सेवन सीमित करना, नियमित व्यायाम करना और वजन नियंत्रित रखना इस समस्या से बचाव में मददगार हो सकता है। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेने से बचना जरूरी है।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि सही समय पर जांच जैसे ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी और ब्लड टेस्ट के जरिए स्थिति का पता लगाया जा सकता है। समय रहते पहचान और इलाज से गंभीर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top