Breaking News
शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार- सुप्रीम कोर्ट
शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार- सुप्रीम कोर्ट
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण
अगले तीन घंटे उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
अगले तीन घंटे उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
कांवड़ यात्रा के लिए देहरादून में विशेष ट्रैफिक प्लान, धर्मावाला से डायवर्ट होंगे कांवड़ वाहन
कांवड़ यात्रा के लिए देहरादून में विशेष ट्रैफिक प्लान, धर्मावाला से डायवर्ट होंगे कांवड़ वाहन
‘भ्रमण से भ्रम मिटते हैं, सीमांत गांव देश के प्रहरी भी हैं और पहला पड़ाव भी’-प्रधानमंत्री मोदी
‘भ्रमण से भ्रम मिटते हैं, सीमांत गांव देश के प्रहरी भी हैं और पहला पड़ाव भी’-प्रधानमंत्री मोदी
क्या आपकी भी सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? तो जान लीजिये इसके पीछे के कारण
क्या आपकी भी सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? तो जान लीजिये इसके पीछे के कारण
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा

उत्तराखंड के पूर्व सैनिक कर्मचारी अब विदेशों में भी कर सकेंगे नौकरी 

उत्तराखंड के पूर्व सैनिक कर्मचारी अब विदेशों में भी कर सकेंगे नौकरी 

देहरादून। प्रदेश के पूर्व सैनिकों के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखंड पूर्व सैनिक कर्मचारी निगम के माध्यम से उनके लिए विदेशों में भी नौकरी का रास्ता खुलने जा रहा है। उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि.) के मुताबिक औसतन हर साल 1000 पूर्व सैनिकों को नौकरी के लिए विदेश भेजा जाएगा। उपनल के प्रबंध निदेशक के मुताबिक प्रवासी भारतीय जनशक्ति योजना के तहत पूर्व सैनिकों को विदेशों में मांग के अनुरूप नौकरी के लिए भेजने की तैयारी है। उपनल को पूर्व में इसका लक्ष्य मिला था, लेकिन अनुबंध के लिए आने वाली कंपनियों की यह शर्त होती है कि इसके लिए उपनल का अपना भवन व जमीन होनी चाहिए। उपनल के पास वर्तमान में अपना भवन नहीं है। जो भवन है उसे सब एरिया की ओर से खाली करने का नोटिस दिया गया था।

इसके अलावा कंपनी टर्न ओवर, प्रशिक्षण आदि सुविधाएं देखती है, लेकिन अब उपनल को राजपुर रोड में सरकार से साढ़े चार बीघा मुफ्त जमीन मिल चुकी है। 30 साल की लीज पर यह जमीन मिली है। जिसमें आठ मंजिला उपनल मुख्यालय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, विदेश के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में भी पूर्व सैनिकों को उपनल के माध्यम से नौकरी मिल सके, इसके लिए मध्य प्रदेश, असम, उडिसा, चेन्नई समेत विभिन्न राज्यों और शहरों में करीब 1000 निविदाएं ली गई हैं। इन राज्यों में विभिन्न कंपनियों के लिए उत्तराखंड से सुरक्षा कर्मी भेजे जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top