Breaking News
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी

भारतीय सेना एवं उत्तराखण्ड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “देवभूमि सांस्कृतिक उत्सव – 2025” का भव्य उद्घाटन

भारतीय सेना एवं उत्तराखण्ड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में “देवभूमि सांस्कृतिक उत्सव – 2025” का भव्य उद्घाटन

चमोली। लेफ्टिनेंट जनरल डी. जी. मिश्रा, एवीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तर भारत एरिया (UB Area) ने आज माणा गाँव, चमोली में “देवभूमि सांस्कृतिक उत्सव – 2025” का शुभारंभ किया। यह उत्सव उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अध्यात्म और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रदर्शन है। इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से भारतीय सेना और उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया गया है।

उद्घाटन दिवस पर स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों तथा गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। गढ़वाली लोक नृत्यों, प्रसिद्ध गढ़वाली बैंडों एवं गायकों की प्रस्तुतियों तथा पारंपरिक शिल्पकला के जीवंत प्रदर्शन ने वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया। ग्रामवासियों और स्थानीय शिल्पकारों द्वारा लगाए गए स्टालों में पारंपरिक बुनाई, लकड़ी की कारीगरी और जैविक उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया, जिसे दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा।

 

भारतीय सेना के बैंड ने मनमोहक धुनों से सभी को मंत्रमुग्ध किया, वहीं “Know Your Army” प्रदर्शनी ने सेना के समर्पण, सेवा भावना और जनसंपर्क को उजागर किया।

“देवभूमि सांस्कृतिक उत्सव” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने, पलायन को रोकने, रोजगार सृजन और सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास की दिशा में एक सार्थक कदम है। इस आयोजन में कारीगरों, किसानों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने समुदायों को सशक्त बनाने के साथ-साथ उत्तराखण्ड की परंपराओं को सहेजने का संदेश भी दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top