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अक्सर रात में टूट रही है नींद तो हो जाएं सतर्क, अनदेखी पड़ सकती है भारी

अक्सर रात में टूट रही है नींद तो हो जाएं सतर्क, अनदेखी पड़ सकती है भारी

अक्सर लोग रात में नींद खुलने को मामूली परेशानी मानकर टाल देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर की गंभीर गड़बड़ियों की ओर इशारा कर सकती है। लगातार बाधित नींद न सिर्फ दिनभर की थकान बढ़ाती है, बल्कि लंबे समय में यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। चिकित्सा भाषा में बार-बार नींद टूटने की स्थिति को स्लीप फ्रैगमेंटेशन कहा जाता है, जिसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।

क्यों बार-बार टूटती है नींद

रात में नींद बार-बार खुलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे गंभीर कारणों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया शामिल है, जिसमें सोते समय सांस लेने में रुकावट आती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरता है और दिमाग आपको जगा देता है। तेज खर्राटे, अचानक सांस घुटने का अहसास या हांफते हुए नींद खुलना इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं।

दिल और शुगर पर पड़ता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार, गहरी नींद की कमी का सीधा असर हृदय पर पड़ता है। बार-बार नींद टूटने से तनाव हार्मोन बढ़ता है, जिससे उच्च रक्तचाप और दिल की धड़कन में गड़बड़ी का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही नींद की कमी इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है, जिससे डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना भी ब्लड शुगर असंतुलन का संकेत हो सकता है।

मानसिक तनाव भी बड़ी वजह

मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद भी नींद की गुणवत्ता को खराब करते हैं। इसके अलावा रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम जैसी समस्या में सोते समय पैरों में बेचैनी, झुनझुनी या खिंचाव महसूस होता है, जिससे नींद बार-बार टूट जाती है। यह परेशानी अक्सर आयरन की कमी या नसों से जुड़ी समस्याओं से संबंधित होती है।

कब हो जाएं सतर्क

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दो हफ्ते या उससे अधिक समय तक रात में नींद बार-बार टूट रही है, तो इसे चेतावनी संकेत मानना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।

बेहतर नींद के लिए जरूरी कदम

अच्छी नींद के लिए नियमित सोने-जागने का समय तय करें, सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाएं और तनाव कम करने की कोशिश करें। यदि समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर स्लीप स्टडी कराना फायदेमंद हो सकता है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।

(साभार)

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