Breaking News
भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज
भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज
असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत
असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत
पीएम पोषण योजना के तहत सामग्री लागत में हो वृद्धि- डाॅ. धन सिंह रावत
पीएम पोषण योजना के तहत सामग्री लागत में हो वृद्धि- डाॅ. धन सिंह रावत
देहरादून में नकली दवाओं का बड़ा भंडाफोड़, भारी मात्रा में फर्जी दवाएं और मशीनें बरामद
देहरादून में नकली दवाओं का बड़ा भंडाफोड़, भारी मात्रा में फर्जी दवाएं और मशीनें बरामद
‘‘मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘
‘‘मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘
पटेलनगर क्षेत्र में कैफे के बाहर हुई फायरिंग का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
पटेलनगर क्षेत्र में कैफे के बाहर हुई फायरिंग का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत
उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव
कम उम्र में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, जानिए कौन-सी आदतें बन रही हैं वजह
कम उम्र में बढ़ रहा दिल की बीमारियों का खतरा, जानिए कौन-सी आदतें बन रही हैं वजह

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई वन संसाधन प्रबंधन समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई वन संसाधन प्रबंधन समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अखरोट विकास योजना की प्रगति पर मांगी रिपोर्ट

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन समिति की उच्चाधिकार समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में समिति की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कई प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

मुख्य सचिव ने अखरोट विकास कार्यक्रम के तहत लगाए गए पौधों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और संबंधित प्रभागों के डीएफओ को इसका मूल्यांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को इस योजना से हो रहे फलोत्पादन की स्थिति भी स्पष्ट करने को कहा, ताकि आगे की कार्ययोजना तैयार की जा सके।
बैठक में जापान के तकनीकी सहयोग से चल रहे मृदा अपरदन नियंत्रण और अवसाद आपदा शमन कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इन तकनीकों के महत्वपूर्ण पहलुओं को आपदा प्रबंधन विभाग के साथ साझा किया जाए, जिससे राज्य में भूस्खलन नियंत्रण में सहायता मिल सके।

उन्होंने आजीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों, क्लस्टर्स और राज्य स्तरीय फेडरेशन के क्षमता विकास, बाजार उपलब्धता और हैंडहोल्डिंग पर विशेष जोर दिया। साथ ही पिरूल की तर्ज पर लैंटाना के उपयोग और प्रबंधन पर भी कार्य करने की आवश्यकता बताई।

बैठक में पीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, धीराज गर्ब्याल, सी. रविशंकर, एपीसीसीएफ नरेश कुमार, अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top