Breaking News
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला- मुख्यमंत्री
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला- मुख्यमंत्री
देहरादून में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 1.521 किलो कैटामाइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
देहरादून में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 1.521 किलो कैटामाइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह
प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह
ज्योतिर्मयी नायक बनीं इंडियन आइडल 16 की विनर, जीती ट्रॉफी और 20 लाख रुपये
ज्योतिर्मयी नायक बनीं इंडियन आइडल 16 की विनर, जीती ट्रॉफी और 20 लाख रुपये
शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार- सुप्रीम कोर्ट
शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार- सुप्रीम कोर्ट
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण

भूस्खलन में फंसे 2800 से अधिक तीर्थयात्रियों को NDRF ने निकाला सुरक्षित

भूस्खलन में फंसे 2800 से अधिक तीर्थयात्रियों को NDRF ने निकाला सुरक्षित

सहायक कमांडेंट करमवीर सिंह की निगरानी में चला जोखिमपूर्ण रेस्क्यू अभियान

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के सोनप्रयाग क्षेत्र में हुए भीषण भूस्खलन के बाद स्थिति गंभीर हो गई। गौरीकुंड शटल पार्किंग और मनकुटिया मंदिर के बीच मलबा गिरने से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात 15वीं वाहिनी NDRF की टीम ने तत्काल और साहसिक बचाव अभियान शुरू किया।

सहायक कमांडेंट करमवीर सिंह के पर्यवेक्षण में और निरीक्षक अमृत लाल मीणा के नेतृत्व में 29 सदस्यीय NDRF टीम ने जोखिमपूर्ण स्थिति के बावजूद फंसे यात्रियों को निकालने का काम शुरू किया। लगातार गिरते मलबे और दुर्गम भू-भाग के बीच टीम ने रस्सियों और वैकल्पिक मार्गों की मदद से एक-एक कर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

30 जुलाई को करीब 9 घंटे तक चला यह रेस्क्यू ऑपरेशन अंधकार और पुनः भूस्खलन की आशंका के चलते रात्रिकालीन अवधि में स्थगित करना पड़ा। इसके बाद अगली सुबह 31 जुलाई को सुबह 7 बजे से पुनः ऑपरेशन शुरू किया गया।

अब तक कुल 2822 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें 2194 पुरुष, 513 महिलाएं और 115 बच्चे शामिल हैं। इस संपूर्ण अभियान की निगरानी स्वयं कमाण्डेंट सुदेश कुमार कर रहे हैं।

NDRF के इस तत्पर और समर्पित प्रयास ने एक बड़ी जनहानि को टाल दिया है। कई तीर्थयात्रियों ने संकट की घड़ी में NDRF की तत्परता और साहस की सराहना करते हुए टीम का आभार जताया है।

NDRF द्वारा किया गया यह प्रयास उनकी मूल भावना “जीवन रक्षा और उससे आगे” का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। फिलहाल बचाव अभियान अब भी जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top