Breaking News
क्या आपकी भी सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? तो जान लीजिये इसके पीछे के कारण
क्या आपकी भी सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? तो जान लीजिये इसके पीछे के कारण
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दो दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दो दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
शिक्षक बनने का सुनहरा मौका,16 अगस्त को होगी संयुक्त बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा
शिक्षक बनने का सुनहरा मौका,16 अगस्त को होगी संयुक्त बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक

बाजार में बिक रहे तरह-तरह के घी पर उठ रहे सवाल, न्यूनतम और अधिकतम दामों में 1500 रुपये प्रति किलो से अधिक का अंतर

बाजार में बिक रहे तरह-तरह के घी पर उठ रहे सवाल, न्यूनतम और अधिकतम दामों में 1500 रुपये प्रति किलो से अधिक का अंतर

देहरादून। तिरूपति मंदिर में भगवान के लिए तैयार होने वाले लड्डू में इस्तेमाल हो रहे घी में मिलावट का मामला सामने आने के बाद राजधानी के बाजार में बिक रहे तरह-तरह के घी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसमें भी खास बात यह है कि बाजार में 40 से अधिक ब्रांड के देशी घी के न्यूनतम और अधिकतम दामों में 1500 रुपये प्रति किलो से अधिक का अंतर है। जो उपभोक्ताओं के लिए भ्रम पैदा कर रहा है।

अगर आप बाजार में देशी घी लेने के लिए जाते हैं तो आपको कई किस्में मिलेंगी। इसमें भी खास यह है कि पूजा, हवन से लेकर खाने तक के लिए अलग-अलग ब्रांड के देशी घी है और उनके दाम भी 200 रुपये से लेकर 2000 रुपये प्रति किलो तक है। 200 रुपये से लेकर 500 रुपये तक प्रति किलो में मिलने वाले देशी घी की पैकिंग पर खाने योग्य घी लिखा होता है।

इस घी को पूजा के लिए कहकर बेचा जाता है। इसके बाद अच्छी गुणवत्ता कहकर बेचे जा रहे देशी घी की कीमत 600 रुपये से 800 रुपये प्रति किलो के बीच है। इन्हें डेयरी प्रोडक्ट के रूप में बेचा जाता है। ऐसे में बाजार में घी खरीदते समय उपभोक्ताओं को समझ ही नहीं आ पाता कि वे किस ब्रांड और किस कीमत के घी का इस्तेमाल करे।
बाजार में ज्यादातर 600 रुपये किलो तक के घी की बिक्री

इसके बाद कुछ लोग अधिक कीमत के घी को गुणवत्ता की कसौटी मानते हुए खरीदते हैं। ऐसे लोगों के लिए बाजार में 1000 रुपये प्रति किलो से 2000 रुपये प्रति किलो तक का घी उपलब्ध है। इनमें वे घी भी शामिल हैं, जो गोशालाओं में और विभिन्न संस्थाओं की ओर से हैंड मेड के रूप में तैयार कर बेचे जाते हैं।

इसके अलावा गिर गाय, देशी गाय, साहीवाल गाय, केनक्रेव और थार पार्कर आदि गायों के घी की अलग-अलग कीमत होती है। व्यापारी राजेंद्र गोयल का कहना है कि बाजार में ज्यादातर 600 रुपये किलो तक के घी की बिक्री होती है।

सस्ते घी मुनाफा ज्यादा

एक वर्ग की सोच होती है कि घी जितना महंगा होगा उतना ही शुद्ध होगा। लेकिन व्यापारियों की माने तो 200 से 500 रुपये तक के घी की भी भारी डिमांड रहती है। ऐसे में कई दुकानदार 200 रुपये के घी की अलग-अलग किस्में बताकर 300 से 400 रुपये तक में भी बेचते हैं। जबकि 600 रुपये से अधिक कीमत के घी पर मुनाफा सीमित होता है।

घर के 600 से 800 रुपये के दूध से निकलता है एक किलो देशी घी

जानकारों के अनुसार शुद्ध दूध से घी निकालने वाले लोग 12 किलो दूध की क्रीम निकालकर उससे करीब एक किलो देशी घी निकालते हैं। 12 किलो दूध का दाम करीब 600-800 रुपये होता है। लेकिन बाजार में दूध से घी बनाने वाले लोग 24 किलो दूध से करीब चार प्रतिशत क्रीम निकालते हैं। इस क्रीम का घी बनाया जाता है। जबकि बाकी दूध को बेच दिया जाता है। इस हिसाब से भी करीब छह सौ से आठ सौ रुपये से एक किलो देशी घी निकाल लिया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top