Breaking News
कोटद्वार में नवंबर के अंतिम सप्ताह में वृहद रोजगार मेला प्रस्तावित
कोटद्वार में नवंबर के अंतिम सप्ताह में वृहद रोजगार मेला प्रस्तावित
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 2 करोड़ 84 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित
04 एवं 05 दिसम्बर को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेगी हिमालयन कार रैली
04 एवं 05 दिसम्बर को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरेगी हिमालयन कार रैली
दीपावली पर अग्नि सुरक्षा को लेकर देहरादून अलर्ट, 41 स्थानों पर पानी के टैंकर तैयार
दीपावली पर अग्नि सुरक्षा को लेकर देहरादून अलर्ट, 41 स्थानों पर पानी के टैंकर तैयार
हर मौसम में ठंडे रहते हैं पैर? ब्लड सर्कुलेशन से लेकर थायरॉयड तक, इन 5 बीमारियों का हो सकता है संकेत
हर मौसम में ठंडे रहते हैं पैर? ब्लड सर्कुलेशन से लेकर थायरॉयड तक, इन 5 बीमारियों का हो सकता है संकेत
28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना
28 किसानों का दल सेब की अति सघन बागवानी का प्रशिक्षण लेने हिमाचल रवाना
मुख्यमंत्री ने खटीमा में 14.97 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजना का किया भूमि पूजन
मुख्यमंत्री ने खटीमा में 14.97 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजना का किया भूमि पूजन
देहरादून में दुकानों में चोरी करने वाला आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, तीन वारदातों का खुलासा; ज्वेलरी और लैपटॉप बरामद
देहरादून में दुकानों में चोरी करने वाला आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, तीन वारदातों का खुलासा; ज्वेलरी और लैपटॉप बरामद
विधानसभा निर्वाचन-2027ः देहरादून के 12,500 दिव्यांग मतदाताओं की होगी मतदाता सूची में मैपिंग
विधानसभा निर्वाचन-2027ः देहरादून के 12,500 दिव्यांग मतदाताओं की होगी मतदाता सूची में मैपिंग

गर्मियों में भी बढ़ सकता है अस्थमा अटैक का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

गर्मियों में भी बढ़ सकता है अस्थमा अटैक का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

हर साल मई के पहले मंगलवार को मनाया जाने वाला विश्व अस्थमा दिवस लोगों को श्वसन संबंधी बीमारी अस्थमा के प्रति जागरूक करने का अवसर देता है। इस दिन का उद्देश्य न सिर्फ बीमारी की पहचान और इलाज को बेहतर बनाना है, बल्कि बदलते मौसम में इसके खतरों से बचाव के उपायों को भी सामने लाना है।

अस्थमा एक ऐसी बीमारी है, जिसमें सांस की नलियों में सूजन के कारण सांस लेने में कठिनाई होती है। धूल, धुआं, प्रदूषण और एलर्जी इसके प्रमुख कारण हैं। आमतौर पर सर्दियों को अस्थमा के लिए ज्यादा जोखिम भरा माना जाता है, लेकिन अब विशेषज्ञों का मानना है कि तेज गर्मी भी मरीजों के लिए उतनी ही चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र सचान के अनुसार, मौसम में अत्यधिक ठंड या गर्मी—दोनों ही स्थितियां अस्थमा के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती हैं। बढ़ते तापमान के साथ हवा में ओजोन और प्रदूषक तत्वों का स्तर बढ़ जाता है, जो सांस की नलियों को प्रभावित करते हैं और अटैक का खतरा बढ़ा देते हैं।

गर्मियों में डिहाइड्रेशन भी एक बड़ी समस्या बन जाता है। शरीर में पानी की कमी होने से फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसके अलावा उमस और खराब एयर क्वालिटी भी अस्थमा को ट्रिगर करने वाले अहम कारक हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्मी के दिनों में अस्थमा रोगियों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। घर में साफ-सफाई बनाए रखना, एसी और कूलर के फिल्टर नियमित साफ करना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीना, डॉक्टर की सलाह के अनुसार इनहेलर और दवाओं का उपयोग करना और बाहर निकलते समय मास्क पहनना भी काफी हद तक जोखिम को कम कर सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के साथ सतर्कता और सही देखभाल से अस्थमा के खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top