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मलेरिया के इलाज के बाद भी रहती है कमजोरी और थकान, इन योगासनों का करे अभ्यास, मिलेगा लाभ

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है जो संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छरों के काटने से फैलती है। आमतौर पर मलेरिया वातावरण में नमी या बरसात के मौसम में जमा पानी के कारण हो सकता है। मलेरिया के मच्छर के काटने के कुछ सामान्य लक्षण हैं, जैसे बुखार, सिरदर्द, उल्टी आना, ठंड लगना, थकान होना, चक्कर आना और पेट में दर्द होना।

मलेरिया के इलाज के लिए करीब दो सप्ताह दवाइयां चलती हैं। हालांकि मलेरिया के इलाज के बाद भी कमजोरी और थकान बनी रहती है। मलेरिया के बाद शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। ऐसे में जब दवाइयों से राहत मिल जाए तो धीरे-धीरे शरीर को फिर से ऊर्जा देने के लिए योगासनों का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। इस लेख में कुछ ऐसे योगासन दिए गए हैं जो मलेरिया से ठीक हो रहे मरीजों के लिए बेहद लाभकारी हैं।

वज्रासन

इस आसन के अभ्यास से पाचन ठीक होता है। ये आसन शरीर को आराम देता है और दवाइयों से हुए अपच को दूर करता है। वज्रासन के अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठकर अपने पैरों को पीछे की ओर मोड़ें। पीठ को सीधा रखें और हाथों को घुटनों पर रखें।  गहरी सांस लेते हुए 5-10 मिनट तक इसी स्थिति में बैठें।

भुजंगासन

मलेरिया के मरीजों को थकावट होती है, जिसे दूर करने के लिए भुजंगासन का अभ्यास किया जा सकता है। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और ऊर्जा मिलती है। भुजंगासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के नीचे रखें। सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं और नजर सामने रहे। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहने के बाद धीरे से नीचे आएं।

बालासन

बालासन शरीर को विश्राम देता है। तनाव कम करता है और मानसिक ऊर्जा लौटाता है। इसके अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठकर सिर को जमीन पर टिकाएं और हाथों को आगे की ओर फैलाएं।

(साभार)

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