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पूरी नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान और सुस्ती क्यों? आइये जानते हैं इसकी असली वजह

पूरी नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान और सुस्ती क्यों? आइये जानते हैं इसकी असली वजह

क्या कभी ऐसा होता है कि रात में पूरी नींद लेने के बावजूद, आपको दिनभर अजीब सी सुस्ती महसूस होती है या हर समय नींद आती है? यह सिर्फ सामान्य थकान नहीं, बल्कि एक गंभीर स्थिति हो सकती है जिसे हाइपरसोम्निया कहते हैं। इसमें व्यक्ति को सामान्य से कहीं ज्यादा नींद की आवश्यकता होती है, जो उनकी दिनचर्या और काम पर बुरा असर डालती है।

जिन लोगों को पूरी नींद लेने के बाद भी दिनभर थकान और सुस्ती महसूस होती है, उन्हें अक्सर लगता है कि वे आलसी हैं या उनकी नींद पूरी नहीं हुई। जबकि, हर बार ऐसा होना जरूरी नहीं। यह किसी बीमारी का भी लक्षण हो सकता है। हाइपरसोम्निया कई बार किसी अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है। ये स्थितियां शरीर के ऊर्जा स्तर को प्रभावित करती हैं और नींद की गुणवत्ता को बाधित करती हैं, जिससे दिनभर सुस्ती बनी रहती है। इसलिए, अगर आप लगातार इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसे हल्के में न लें। आइए इस लेख में जानते हैं कि किन बीमारियों का आशंका अधिक होती है।

डायबिटीज
अनियंत्रित रक्त शर्करा हाइपरसोम्निया का कारण बन सकता है। डायबिटीज में शरीर ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलने में असमर्थ होता है, जिससे थकान और नींद की समस्या होती है। बार-बार प्यास, पेशाब और वजन कम होना इसके अन्य लक्षण हैं।

थायराइड डिसऑर्डर
हाइपोथायरायडिज्म एक बीमारी है, जिसमें थायराइड ग्रंथि कम सक्रिय होती है, मेटाबॉलिज्म को धीमा करता है। इससे सुस्ती, थकान और अत्यधिक नींद की समस्या बढ़ जाती है। वजन बढ़ना, ठंड लगना और बाल झड़ना इसके लक्षण हो सकते हैं।

एनीमिया
एनीमिया में लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की कमी से शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होती है, जिससे थकान और नींद की समस्या बढ़ जाती है। यह आयरन, विटामिन B12 या फोलिक एसिड की कमी से हो सकता है।

स्लीप एपनिया
स्लीप एपनिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती है, जिससे गहरी और सुकून भरी नींद नहीं मिलती। इस कारण दिन में अत्यधिक नींद, थकान, खर्राटे, सिरदर्द और एकाग्रता में कमी जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

(साभार)

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