Breaking News
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
नशे के खिलाफ सख्ती: संवेदनशील इलाकों की होगी GIS मैपिंग, पोस्त की खेती पर छापेमारी के निर्देश
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर

भारी बारिश से यमुना का जलस्तर उफान पर, दहशत में स्थानीय लोग

भारी बारिश से यमुना का जलस्तर उफान पर, दहशत में स्थानीय लोग

लगातार तीसरी बार स्यानाचट्टी में बनी झील जैसी स्थिति

उत्तरकाशी। यमुनोत्री हाईवे एक बार फिर खतरे की जद में आ गया है। बीती रात हुई भारी बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसके चलते बड़े-बड़े पेड़ बहकर हाईवे पुल पर फंस गए और नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। इस दौरान स्यानाचट्टी के होटलों व आवासीय इलाकों में पानी घुसने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

लगातार बारिश से स्यानाचट्टी में झील जैसी स्थिति तीसरी बार बनी है और खतरा लगातार बढ़ रहा है। यहां झील का जलस्तर इतना बढ़ गया कि होटलों की दूसरी मंजिल तक पानी पहुंच गया। स्थानीय लोग दहशत में हैं और हालात पर काबू पाने की कोशिश जारी है।

सिंचाई विभाग की तीन मशीनें कुपड़ाखड्ड का मलबा हटाकर जलस्तर नियंत्रित करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश से स्थिति बिगड़ती जा रही है। वहीं एनएच विभाग भी पुल पर फंसे पेड़ों और मलबे को हटाने का प्रयास कर रहा है ताकि नदी का बहाव सामान्य रह सके, हालांकि संकट पूरी तरह टला नहीं है।

इस बीच पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। रावत का कहना है कि अगर झील के निर्माण के दौरान तकनीकी और वैज्ञानिक उपाय अपनाए गए होते तो यह संकट खड़ा नहीं होता। उन्होंने स्यानाचट्टी के दोनों ओर बहने वाले खड्डों पर सुरक्षात्मक कार्य और वरुणावत की तर्ज पर पहाड़ियों के ट्रीटमेंट की मांग भी की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top