Breaking News
481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी
481 भारतीय एवं 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी
तुंगनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश
तुंगनाथ धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पुलिस ने जारी किए दिशा-निर्देश
मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त 02 नशा तस्करों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त 02 नशा तस्करों को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
दून मेडिकल कॉलेज में 80 लाख के मेस घोटाले का खुलासा, जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई
दून मेडिकल कॉलेज में 80 लाख के मेस घोटाले का खुलासा, जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई
फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह पर STF का शिकंजा, दो और आरोपी गिरफ्तार
फर्जी शस्त्र लाइसेंस गिरोह पर STF का शिकंजा, दो और आरोपी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा को दी श्रद्धांजलि
‘अब होगा हिसाब’ का ट्रेलर रिलीज, जानिए कब और कहां देख सकेंगे सीरीज
‘अब होगा हिसाब’ का ट्रेलर रिलीज, जानिए कब और कहां देख सकेंगे सीरीज
वीकेंड पर मसूरी-ऋषिकेश जाने वालों के लिए देहरादून पुलिस ने लागू किया खास ट्रैफिक प्लान
वीकेंड पर मसूरी-ऋषिकेश जाने वालों के लिए देहरादून पुलिस ने लागू किया खास ट्रैफिक प्लान
राज्यसभा सांसद डा. नरेश बंसल ने जसपाल राणा के निधन पर जताया शोक
राज्यसभा सांसद डा. नरेश बंसल ने जसपाल राणा के निधन पर जताया शोक

उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा, दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा, दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

कच्चे मकान की दीवार ढहने से मां-बाप और दो मासूम बच्चों की गई जान, गांव में पसरा मातम

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में देर रात दिल दहला देने वाली घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। ओडाटा गांव के मोरा तोक में एक कच्चे मकान की दीवार अचानक गिर गई, जिससे पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ चार जिंदगियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया।

हादसे में 26 वर्षीय गुलाम हुसैन, उनकी 23 वर्षीय पत्नी रुकमा खातून, तीन साल का बेटा आबिद और दस माह की बेटी सलमा की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब दो बजे हुआ, जब सभी गहरी नींद में थे। तेज बारिश के कारण दीवार कमजोर हो गई थी, और अचानक ढहने से पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया।

सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक सभी की सांसें थम चुकी थीं। तहसीलदार जब्बर सिंह असवाल ने पुष्टि की कि मलबा काफी भारी था और समय पर बचाव मुश्किल हो गया। प्रारंभिक जांच में कमजोर दीवार और बारिश को हादसे की वजह बताया गया है।

गांव में मातम पसरा हुआ है। मासूम बच्चों की किलकारियों से गूंजता आंगन अब खामोश है, और हर आंख नम है। यह हादसा एक कड़वा सबक भी है—कि असुरक्षित मकानों की समय रहते मरम्मत न हो तो जानलेवा साबित हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top