Breaking News
उत्तराखंड में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम होगा मजबूत, 112 से जुड़ेंगी सभी हेल्पलाइन
उत्तराखंड में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम होगा मजबूत, 112 से जुड़ेंगी सभी हेल्पलाइन
लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा नदी में स्नान के दौरान युवक डूबा, SDRF का सर्च अभियान जारी
लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा नदी में स्नान के दौरान युवक डूबा, SDRF का सर्च अभियान जारी
हिमाचल का फरार बदमाश पटेलनगर से गिरफ्तार
हिमाचल का फरार बदमाश पटेलनगर से गिरफ्तार
श्रमिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार- मुख्यमंत्री धामी 
श्रमिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार- मुख्यमंत्री धामी 
‘द स्कैम-लीक्ड’ का टीजर जारी, पेपर लीक के दर्द और छात्रों के संघर्ष को दिखाएगी सीरीज
‘द स्कैम-लीक्ड’ का टीजर जारी, पेपर लीक के दर्द और छात्रों के संघर्ष को दिखाएगी सीरीज
मुख्यमंत्री धामी ने स्व. मनोज मनराल को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने स्व. मनोज मनराल को दी श्रद्धांजलि
भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज
भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज
असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत
असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत

उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा, दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा, दीवार गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

कच्चे मकान की दीवार ढहने से मां-बाप और दो मासूम बच्चों की गई जान, गांव में पसरा मातम

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में देर रात दिल दहला देने वाली घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। ओडाटा गांव के मोरा तोक में एक कच्चे मकान की दीवार अचानक गिर गई, जिससे पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ चार जिंदगियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया।

हादसे में 26 वर्षीय गुलाम हुसैन, उनकी 23 वर्षीय पत्नी रुकमा खातून, तीन साल का बेटा आबिद और दस माह की बेटी सलमा की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब दो बजे हुआ, जब सभी गहरी नींद में थे। तेज बारिश के कारण दीवार कमजोर हो गई थी, और अचानक ढहने से पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया।

सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक सभी की सांसें थम चुकी थीं। तहसीलदार जब्बर सिंह असवाल ने पुष्टि की कि मलबा काफी भारी था और समय पर बचाव मुश्किल हो गया। प्रारंभिक जांच में कमजोर दीवार और बारिश को हादसे की वजह बताया गया है।

गांव में मातम पसरा हुआ है। मासूम बच्चों की किलकारियों से गूंजता आंगन अब खामोश है, और हर आंख नम है। यह हादसा एक कड़वा सबक भी है—कि असुरक्षित मकानों की समय रहते मरम्मत न हो तो जानलेवा साबित हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top