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राज्य आंदोलनकारी राज्य के निर्माता हैं, उनकी समस्याओं का समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है- डीएम

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राज्य आंदोलनकारियों के साथ जिलाधिकारी सविन बंसल की अहम बैठक

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में देहरादून स्थित कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में राज्य आंदोलनकारियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण समेत लंबित विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में विभिन्न राज्य आंदोलनकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और मांगें रखीं। प्रमुख रूप से शपथ-पत्र के आधार पर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग उठी। इस पर जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि संगठनों द्वारा प्रस्तुत शपथ-पत्रों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्रकरण को सशक्त संस्तुति के साथ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उचित स्तर पर निर्णय लिया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी राज्य के निर्माता हैं और उनकी समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। समिति गठन के विषय में उन्होंने सभी संगठनों से आपसी समन्वय और सर्वसम्मति से सदस्यों के नाम प्रस्तावित कर भेजने का आग्रह किया, जिन पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन आंदोलनकारियों के योगदान का सम्मान करता है और समाधान की प्रक्रिया में संवेदनशीलता व पारदर्शिता बरती जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप राज्य आंदोलनकारियों का चयन प्रशासन की प्राथमिकता है। प्राप्त सुझावों, मानकों में संशोधन और चयन समिति के निर्धारण जैसे विषय आपसी विमर्श के आधार पर आगे बढ़ाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि संवाद और समन्वय से ही सकारात्मक समाधान संभव है और प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी हरी गिरी सहित विभिन्न राज्य आंदोलनकारी संगठनों के प्रतिनिधि—कृपाओमी उनियाल, उर्मिला शर्मा, डी.एस. गुंसाई, सुरेश कुमार, चिंतन कुमार, राजेश शर्मा, पर्मिला रावत, मोहम्मद इकबाल, संजीव कुमार मनवाल आदि उपस्थित रहे।

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