Breaking News
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
जौनसार की संस्कृति, परंपराएँ और प्रकृति के प्रति सम्मान, राज्य की समृद्ध विरासत है- मुख्यमंत्री
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
​देवभूमि की शांति भंग करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शेगी सरकार- कुसुम कण्डवाल
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
जनता की शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें- जिलाधिकारी
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
मंत्री गणेश जोशी ने टिहरी में चारधाम यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण, दिए गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी

अचानक से बहुत ज्यादा ठंड लगना नॉर्मल नहीं, हो सकता है इस बीमारी का लक्षण

अचानक से बहुत ज्यादा ठंड लगना नॉर्मल नहीं, हो सकता है इस बीमारी का लक्षण

अगर अचानक से बहुत ज्यादा ठंड लगने लगे तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह हाइपोथर्मिया का लक्षण भी हो सकता है। यह एक इमरजेंसी मेडिकल कंडीशन होती है. जब शरीर का तापमान अचानक से गिरने लगता है और शरीर ठंडा पडऩे लगता है तब यह समस्या होती है। इस स्थिति में बॉडी टेंपरेचर 95 फॉरेनहाइट के नीचे चला जाता है. मायोक्लोनिक की रिपोर्ट के अनुसार, शरीर का सामान्य से ज्यादा तापमान गिरना कई अंगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इससे हार्ट और नर्वस सिस्टम सही तरह काम नहीं कर पाते हैं।

अगर सही समय पर हाइपोथर्मिया  का इलाज न हो तो हार्ट फेल होने और जान जाने का जोखिम हो सकता है. इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा ठंडे मौसम में रहता है। आइए जानते हैं इसके लक्षण और बचाव के बारें में…

हाइपोथर्मिया क्या होता है
हाइपोथर्मिया शरीर के तापमान को कम होने की कंडीशन है। दरअसल, हमारे शरीर का एक सामान्य होता है, जो उम्र, लिंग और हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करता है. शरीर का सामान्य तापमान 98.6 डिग्री फारेनहाइट से 100.4 डिग्री फारेनहाइट तक माना जाता है. इस तापमान को कुछ हार्मोन कंट्रोल करते हैं लेकिन जब शरीर का तापमान सामान्य से कम होने लगता है तो ऐसी स्थिति हाइपोथर्मिया कहलाती है।

हाइपोथर्मिया के क्या लक्षण हैं
* बहुत ज्यादा कंपन और थकान
* सांस लेने में दिक्कत
* बोलने में परेशानी होना
* मानसिक क्षमता प्रभावित होना
* याददाश्त कमजोर होने लगना
* हाथ-पैरों में सुन्नपन महसूस होना

हाइपोथर्मिया से किन लोगों को ज्यादा खतरा
हाइपोथर्मिया एक ऐसी कंडीशन है जो किसी को भी हो सकती है लेकिन नवजात शिशु, बढ़ती उम्र या किसी हार्मोनल समस्या के मरीज को इससे सबसे ज्यादा खतरा होता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इन लोगों में सामान्य शारीरिक तापमान बनाए रखने की क्षमता बेहद कम होती है. अगर कोई डिप्रेशन और साइकोटिक दवाईयों का सेवन कर रहा है तो उनमें यह समस्या देखने को मिल सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top