Breaking News
क्या है गोंद कतीरा? जानें इसके फायदे, नुकसान और सेवन करने का तरीका
क्या है गोंद कतीरा? जानें इसके फायदे, नुकसान और सेवन करने का तरीका
महाराज ने किया संगलाकोटी में 73 लाख 16 हजार के मोटर मार्ग का शिलान्यास
महाराज ने किया संगलाकोटी में 73 लाख 16 हजार के मोटर मार्ग का शिलान्यास
देश सदैव शहीदों के बलिदान और उनके परिवारों के योगदान का ऋणी रहेगा- राज्यपाल
देश सदैव शहीदों के बलिदान और उनके परिवारों के योगदान का ऋणी रहेगा- राज्यपाल
शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा टूटा
शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा टूटा
वैश्विक संकट के बीच कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिया ईंधन बचत का संदेश, स्कूटी से पहुंचे कैंप कार्यालय
वैश्विक संकट के बीच कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिया ईंधन बचत का संदेश, स्कूटी से पहुंचे कैंप कार्यालय
यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का देता है मुंहतोड़ जवाब- मुख्यमंत्री धामी
यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का देता है मुंहतोड़ जवाब- मुख्यमंत्री धामी
अमेरिका-चीन रिश्तों में नई पहल- 9 साल बाद चीन जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति
अमेरिका-चीन रिश्तों में नई पहल- 9 साल बाद चीन जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति
रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ ने बॉक्स ऑफिस पर पार किया 65 करोड़ का आंकड़ा
रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ ने बॉक्स ऑफिस पर पार किया 65 करोड़ का आंकड़ा
राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए ऊर्जा संसाधनों की बचत हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व- सीएम
राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए ऊर्जा संसाधनों की बचत हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व- सीएम

सीएम धामी ने खटीमा में की धान रोपाई, किसानों के श्रम को किया नमन

सीएम धामी ने खटीमा में की धान रोपाई, किसानों के श्रम को किया नमन

चम्पावत।  खटीमा के नगरा तराई क्षेत्र में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के परिश्रम, त्याग और समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि खेतों में उतरकर पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि वे हमारी संस्कृति और परंपराओं के संवाहक भी हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत “हुड़किया बौल” के माध्यम से भूमि के देवता भूमियां, जल के देवता इंद्र और छाया के देवता मेघ की वंदना भी की। मुख्यमंत्री के इस सांस्कृतिक जुड़ाव और कृषकों के साथ आत्मीय सहभाग ने क्षेत्रीय जनता को गहरे स्तर पर प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री धामी की यह पहल उत्तराखंड की ग्रामीण संस्कृति, कृषकों की अहमियत और पारंपरिक लोककलाओं के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top